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Video-वर्ल्ड पोहा डे पर नागपुर में बना एकसाथ 3,000 किलो ‘पोहा’, शेफ विष्णु मनोहर का अनोखा कारनामा

By Harsh Gautam 
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नागपुर: हर साल 7 जून को दुनिया भर में ‘विश्व पोहा दिवस’ मनाया जाता है, लेकिन इस बार नागपुर में इस खास दिन को बेहद अनोखे और ऐतिहासिक अंदाज में सेलिब्रेट किया गया। देश के मशहूर शेफ विष्णु मनोहर ने नागपुर में अकेले पूरे 3,000 किलोग्राम ‘तरी पोहा’ तैयार करके एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इस विशालकाय तरी पोहे को जिसने भी देखा, वह हैरान रह गया।

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क्या है नागपुर के ‘तरी पोहा’ की खासियत?

रिकॉर्ड बनाने के बाद शेफ विष्णु मनोहर ने बताया कि इस महा-आयोजन का असली मकसद नागपुर के सिग्नेचर नाश्ते को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। नागपुर आने वाले हर व्यक्ति के लिए तरी पोहा पहली पसंद होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी मसालेदार ‘तरी’ है, जिसे प्रोटीन से भरपूर देसी चनों  से तैयार किया जाता है। यही तरी इसे देश के बाकी हिस्सों में मिलने वाले सामान्य पोहे से बिल्कुल जुदा और लाजवाब बनाती है।

खेतों से लेकर राजा-महाराजाओं के महलों तक  ‘पोहा’ का सफर

इतिहासकारों के मुताबिक, पोहे का जन्म मूल रूप से महाराष्ट्र (खासकर नागपुर क्षेत्र) में हुआ था, जहां खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए इसे एक हल्के और ऊर्जा से भरपूर नाश्ते के रूप में तैयार किया जाता था।

19वीं सदी में यह व्यंजन होल्कर और सिंधिया शासकों के साथ मध्य प्रदेश पहुंचा, जहां इंदौर ने इसे ‘इंदौरी पोहा’ के रूप में एक नई पहचान दी। आज यह देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी क्षेत्रीय खुशबू के साथ कांदा पोहा, बंगाली पोहा, दही पोहा और कर्नाटक स्टाइल पोहा जैसे कई  रूपों में चखा जाता है।

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