लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को सीएम योगी ने टाटा मोटर्स प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ किया। सीएम योगी ने कहा कि टाटा मोटर्स ने अपने 34 वर्षों की यात्रा के दौरान आज अपनी दस लाखवी बस लॉन्च किया है। मैं ह्रदय से बधाई देता हूं।
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यहां कार्यरत कार्मिक जिनके परिश्रम पुरुषार्थ से यह दस लाखवी बस का मैन्युफैक्चरिंग पूर्ण होकर अब यह भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन के रूप में आम जन को सुविधा उपलब्ध करवाएगी,उन कार्मिकों को भी हृदय से धन्यवाद देता हूं। यह दस लाखवी कॉमर्शियल व्हीकल का फ्लैग ऑफ कार्यक्रम,यह केवल इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन मात्र नही है,बल्कि यह उस ऐतिहासिक उड़ान का लॉंचपैड है जो अब भारत को,और भारत के सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तरप्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने के लिए अपने आप को तैयार कर रहा है।
लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं गाड़ी के फ्लैग ऑफ हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/hekztREK40
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 15, 2026
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यह मात्र एक माइलस्टोन नही,यह उस माइलस्टोन मूमेंट का प्रतीक है,जो नए भारत के नए उत्तरप्रदेश को नई ऊंचाई की ओर ले जा रहा है। यह उड़ान रुकने के लिए नही, बल्कि आसमान के उन ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए जहां हर चेहरे पर खुशहाली लाई जा सकती है।
सीएम योगी ने कहा कि हम जब मोमेंटम की बात करते हैं तो यह सिर्फ एम नही होता है,बल्कि हम अक्सर देखते हैं, जहां मास है,वहां वेलोसिटी भी दिखती है,यानी जहां द्रव्यमान होगा वहां गति भी होगी। उत्तरप्रदेश के परिप्रेक्ष्य में हम देखते हैं तो एम का मतलब ‘मासेस’ ही है। 25 करोड़ की आबादी जनसंख्या,56% वर्कफोर्स जहां पर युवा हैं। हमने युवाओं के स्केल को स्किल,इनोवेशन, टेक्नोलॉजी से जोड़ने के जिस अभियान को प्रधानमंत्री के विजन अनुरूप आगे बढ़ा कर रेडी वर्कफोर्स के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
हमने टाटा मोटर्स की बसों में बचपन से यात्राएं की हैं। हमने टाटा मोटर्स के हैवी व्हीकल्स, ट्रकों में लास्ट माइल्स तक निर्माण के लिए या जनता की आवश्यकता के लिए सामान को पहुंचाते हुए देखा है। यानी समाज के अंतिम आवश्यकता के लिए उसकी बेहतरीन यात्रा या आवश्यकता की पूर्ति के लिए हो टाटा सदैव खड़ा रहा है।
टाटा मतलब ट्रस्ट…
टाटा बना रहे हैं तो अच्छा होगा, यह विश्वास इसलिए है क्योंकि अपने संस्थापकों,और अपने लीडरशिप पर अटूट विश्वास और आप सबके परिश्रम का यह परिणाम ने टाटा को ट्रस्ट में बदला है। यह ट्रस्ट हर भारतवासी व अन्य देशों में जहां टाटा के मैन्युफैक्चरिंग पहुंचती है,उन लोगों में यह विश्वास और मजबूत होता है।