विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा की गहराई में स्कैल्प के अंदर मौजूद फॉलिकल्स (Follicles) से बाल बढ़ते हैं। तेल त्वचा के इतनी अंदर तक नहीं जा सकता कि वह नए बाल उगा सके। तेल एक तरह से नेचुरल कंडीशनर का काम करता है। विशेषकर, नारियल या बादाम का तेल बालों के बाहरी हिस्से (Hair Shaft) के लिए एक बेहतरीन कंडीशनर है, जो ड्रायनेस और फ्रिज़ को कम करता है।
नई दिल्ली। पीढ़ियों से भारतीय घरों में यह माना जाता रहा है कि बालों में भरपूर तेल लगाने से वे लंबे, घने और मजबूत होते हैं। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) ने इस पारंपरिक धारणा को पूरी तरह से मिथ्या साबित कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, बालों में तेल लगाने (Hair Oiling) का कोई भी सीधा संबंध उनकी ग्रोथ या लंबाई बढ़ने से नहीं है। यह केवल एक मिथक है, और आवश्यकता से अधिक तेल का उपयोग करने से बालों को फायदे के बजाय गंभीर नुकसान हो सकता है।
क्या है ऑयलिंग का असली साइंस?
विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा की गहराई में स्कैल्प के अंदर मौजूद फॉलिकल्स (Follicles) से बाल बढ़ते हैं। तेल त्वचा के इतनी अंदर तक नहीं जा सकता कि वह नए बाल उगा सके। तेल एक तरह से नेचुरल कंडीशनर का काम करता है। विशेषकर, नारियल या बादाम का तेल बालों के बाहरी हिस्से (Hair Shaft) के लिए एक बेहतरीन कंडीशनर है, जो ड्रायनेस और फ्रिज़ को कम करता है। इसके अलावा तेल बालों की ऊपरी सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे धूप, प्रदूषण और केमिकल से होने वाला डैमेज रुक जाता है। तेल लगाते समय स्कैल्प की मालिश करने से रक्त संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ों को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिलती है।
ज्यादा तेल यानी बेहतर बाल, एक खतरनाक भूल
मुंबई की प्रसिद्ध चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. शहनाज आरसीवाला के मुताबिक, लोग अक्सर बालों के झड़ने पर और ज्यादा तेल लगाने लगते हैं, जिससे स्थिती और खराब हो जाती है। अत्यधिक तेल स्कैल्प के रोमछिद्रों को बंद कर देता है, जिससे त्वचा को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसके अलावा तेल की वजह से स्कैल्प पर गंदगी, पसीना और बैक्टीरिया जाते है। इससे ‘सेबोरीइक डर्मेटाइटिस’ (जिद्दी डैंड्रफ) और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही जब स्कैल्प पर गंदगी और तेल की परत जमा होती है, तो बालों की जड़ें कमजोर होकर टूटने लगती है।
बालों की सही देखभाल के लिए डॉक्टरों की गाइडलाइन
भारत की शीर्ष त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. स्तुति खरे शुक्ला ने अपनी शोध रिपोर्ट में बालों की सही देखभाल के वैज्ञानिक तरीके साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि तेल को कभी भी रातभर या कई दिनों तक सिर पर लगाकर न छोड़ें। शैम्पू करने से केवल एक से दो घंटे पहले तेल लगाना काफी है। उनके अनुसार, ऑयलिंग केवल हफ्ते में एक या दो बार ही करनी चाहिए। और यदि आपकी स्कैल्प पहले से ऑयली है, तो तेल लगाने से बचें।
असली साइंस पर भरोसा
मेडिकल रिसर्च के अनुसार, बालों की ग्रोथ पूरी तरह से जेनेटिक्स, हार्मोनल संतुलन और आपकी डाइट (प्रोटीन, आयरन, विटामिन आदि) पर निर्भर करती है। गंभीर हेयर फॉल या गंजेपन की स्थिति में तेल के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल या Bare Anatomy व Minimalist जैसे ब्रांड्स के साइंटिफिक एक्टिव्स वाले हेयर ग्रोथ सीरम (जैसे रेडेंसिल, एनागेन) का उपयोग करना चाहिए।
निष्कर्ष
मेडिकल साइंस बताता है कि तेल, बालों के लिए एक ‘लोशन या कंडीशनर’ है, न की कोई ‘दवा’। बालों को लंबा और स्वस्थ रखने के लिए बाहरी तेल से ज्यादा आंतरिक पोषण जरूरी है। तेजी से और हेल्दी हेयर ग्रोथ के लिए प्रोटीन, आयरन, अच्छी नींद और तनाव मुक्त लाइफस्टाइल सबसे जरूरी हैं।