भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार आप स्लीपर क्लास (Sleeper Class) के टिकट पर भी एसी (AC) कोच में सफर कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आप रेलवे की ऑटो अपग्रेडेशन (Auto Upgradation) योजना का सही उपयोग करें। हाल ही में इस योजना के नियमों को और भी सुविधाजनक बनाया गया है।
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार आप स्लीपर क्लास (Sleeper Class) के टिकट पर भी एसी (AC) कोच में सफर कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आप रेलवे की ऑटो अपग्रेडेशन (Auto Upgradation) योजना का सही उपयोग करें। हाल ही में इस योजना के नियमों को और भी सुविधाजनक बनाया गया है।
स्लीपर से एसी में सफर करने के मुख्य नियम और तरीके
मुफ्त सफर (IRCTC ऑटो अपग्रेडेशन)
अगर आप टिकट बुकिंग के समय एक छोटी सी सावधानी बरतते है तो रेलवे आपको बिना कोई अतिरिक्त पैसा लिए सीधे एसी कोच में ट्रांसफर कर सकता है। IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय पैसेंजर डिटेल भरने के बाद ‘Consider for Auto Upgradation’ विकल्प पर जरूर टिक करें।
अपग्रेड का नया नियम
रेलवे बोर्ड के नए नियमों के अनुसार अब स्लीपर क्लास का टिकट सीधे सेकंड एसी (2AC) तक अपग्रेड हो सकता है, जबकि पहले यह केवल थर्ड एसी (3AC) तक ही सीमित था। ध्यान देंने वाली बात यह है कि इस नए नियम के तहत सिर्फ स्लीपर से सीधे सेकंड एसी (2AC) तक ही अपग्रेड होगा न कि फर्स्ट एसी में। सबसे अच्छी बात यह है कि इस इस ऑटो अपग्रेडेशन के लिए आपको ₹1 भी अलग से नहीं देना पड़ेगा।
ट्रेन के भीतर सफर के दौरान (टीटीई के माध्यम से)
यदि टिकट बुक करते समय आपका ऑटो अपग्रेडेशन नहीं हुआ है, तो आप चलती ट्रेन में भी एसी में जा सकते हैं। इसके लिए आपको सफर के दौरान संबंधित एसी कोच के टीटीई से मिलना होगा और खाली सीट के बारे में पूछना होगा। यदि एसी कोच में बर्थ खाली होगी, तो टीटीई आपको वह सीट अलॉट कर देगा। इसके लिए आपको स्लीपर और उस एसी कोच के किराए का अंतर (Fare Difference) और तय क्लैरिकल चार्ज चुकाना होगा।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
यह सुविधा पूरी तरह से सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। यदि एसी में सीट खाली नहीं होगी, तो आपको स्लीपर में ही यात्रा करनी होगी। इसके अलावा बिना अपग्रेडेशन या बिना टीटीई की अनुमति के स्लीपर टिकट लेकर एसी कोच में बैठना गैर—कानूनी माना जाएगा। यदि आप ऐसा कर रहे है तो आपको भारी जुर्माना (जुर्माना + अगले स्टेशन तक का एसी किराया) देना पड़ सकता है। क्लास अपग्रेड होने के बाद भी आपका PNR नंबर वही रहता है, बस चार्ट में आपका कोच और बर्थ नंबर बदल जाता है।