नई दिल्ली। टीम इंडिया (Team India) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) में 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है। इस लगातार जीत के बावजूद मुख्य कोच गौतम गंभीर (Coach Gautam Gambhir) खिलाड़ियों को किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने देना चाहते। उन्होंने साफ कहा कि उनकी सोच में कोई भी मुकाबला औपचारिक नहीं होता। गंभीर ने पांचवें टी20 (Fifth T20) से पहले ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए टीम में खिलाड़ियों को मौके देने और बड़े स्क्वॉड को संभालने के सवाल पर भी दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका काम सभी को खुश रखना नहीं, बल्कि टीम के लिए सही फैसले लेना है।
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‘मेरा काम लोकप्रियता हासिल करना नहीं, सही फैसले लेना है’
टीम में प्रतिभा की भरमार और सभी खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि कोच के तौर पर उनकी प्राथमिकता हर किसी को खुश रखना नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया और बाहरी चर्चाओं के दबाव में लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन टीम के हित में सही निर्णय लेना ज्यादा जरूरी है।
गंभीर ने कहा कि सबसे पहले, मेरा काम हर किसी को खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, लोकप्रिय फैसले लेना नहीं। मैं यहां इसी काम के लिए हूं। आज के दौर में सोशल मीडिया और बाहर होने वाली चर्चाओं के बीच लोकप्रिय फैसला लेना बहुत आसान है। लेकिन मेरे लिए जरूरी है कि सही फैसला लिया जाए और ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों को सुरक्षा का अहसास हो। उन्होंने यह भी कहा कि कई खिलाड़ियों ने लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वे अधिक मौके पाने के हकदार हैं। टीम इसी सोच के साथ सीरीज में आगे बढ़ी है।
‘मेरी सोच में कोई मुकाबला औपचारिक नहीं’
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भारत ने सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर बढ़त हासिल कर ली है। ऐसे में चौथे मैच को लेकर खिलाड़ियों की प्रेरणा और संभावित ढिलाई पर सवाल किया गया। गंभीर ने कहा कि देश के लिए खेलते समय किसी तरह की लापरवाही की जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो आत्मसंतुष्टि की कोई जगह नहीं होती। यह अंतरराष्ट्रीय मुकाबला है। हर कोई जानता है कि देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका कितने कम लोगों को मिलता है। मेरे लिए हर मैच कुछ अलग करने, कुछ सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर है। मेरी सोच और विचारधारा में कोई मुकाबला औपचारिक नहीं होता और ड्रेसिंग रूम में भी यही सोच है। गंभीर के इस बयान से साफ है कि सीरीज में बढ़त मिलने के बावजूद भारतीय टीम हर मुकाबले को गंभीरता से ले रही है।
कम समय में न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में ढली टीम
गंभीर ने सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद परिस्थितियों के अनुसार ढलने के लिए ज्यादा समय नहीं मिला था। भारत ने 17 तारीख को अपना पिछला मुकाबला पूरा किया और 18 तारीख को न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गया। टीम को अभ्यास का सिर्फ एक सत्र मिला।
उन्होंने कहा कि यह बहुत कम समय में हुआ बदलाव था। हमने 17 तारीख को अपना पिछला मैच खत्म किया और 18 तारीख को यहां के लिए उड़ान भरी। हमारे पास अभ्यास का सिर्फ एक सत्र था। खिलाड़ियों को इसका श्रेय देना होगा कि उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार खुद को कितनी अच्छी तरह ढाला। कई खिलाड़ी पहली बार यहां आए हैं। हम सभी जानते हैं कि न्यूजीलैंड अपनी घरेलू परिस्थितियों में कितनी खतरनाक टीम है। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी तरह तालमेल बिठाया। गंभीर के मुताबिक, टीम ने कम समय और अलग परिस्थितियों के बावजूद जिस तरह प्रदर्शन किया, वह संतोषजनक रहा। अब भारतीय टीम की कोशिश सीरीज के बाकी मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखने की होगी।