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कंप्रोमाइज्ड PM ने ट्रेड डील नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया : नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

By Abhimanyu 
Updated Date

Adani Bribery and Fraud Case : भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी को 265 मिलियन डॉलर रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट अडानी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने पर विचार कर रहा है। जिसको लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।

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दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील को अडानी के खिलाफ मामलों से जोड़ा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि कंप्रोमाइज्ड PM ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं की, बल्कि अडानी को बचाने का सौदा किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “Compromised PM ने trade deal नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया।” बता दें कि राहुल अक्सर पीएम नरेंद्र मोदी को “कंप्रोमाइज्ड पीएम” होने का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, साझा विपक्ष ने यूएस-इंडिया डील को एकतरफा और भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ बताया था।

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अडानी पर लगे थे गंभीर आरोप

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में US अभियोजकों ने एक आरोप-पत्र जारी कर गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और कई अन्य लोगों पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को करीब $265 मिलियन का भुगतान करने वाली रिश्वतखोरी की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। आरोप कहा गया था कि ये भुगतान दो दशकों में करीब $2 बिलियन का प्रॉफिट होने की संभावना वाले ठेकों को हासिल करने के लिए किए गए थे। यह भारत के सबसे बड़े सोलर एनर्जी प्लांट प्रोजेक्ट के विकास में मदद करते।

इस मामले को लेकर विपक्ष, मोदी सरकार पर निशाना साधता रहा है। खासकर राहुल गांधी, सरकार पर गौतम अडानी को बचाने का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, ब्लूमबर्ग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (United States Department of Justice) गौतम अडानी के खिलाफ लगे आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सजेंच कमीशन (SEC) भी नवंबर 2024 में अडानी और अन्य लोगों के खिलाफ दायर एक समानांतर नागरिक धोखाधड़ी मामले (Civil Fraud Cases) को निपटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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