प्रेगनेंसी के दौरान खान पान का खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। ऐसे में बहुत बहुत चीनी और कम नमक का का सेवन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इससे हेल्थ से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। भ्रूण विकास में नमक बेहद जरुरी होता है।
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प्रेगनेंसी के दौरान सीमित मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान भ्रूण के विकास के लिए नमक बेहद जरुरी चीज होती है। आयोडीन शिशु के लिए बेहद जरुरी होता है। आयोडिन से नर्वस सिस्टम और ब्रेन का विकास होता है।
प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक नमक खाने से प्रीक्लेम्पसिया, गर्भपात और गर्भावस्था के प्रतिकूल परिणामों जैसी जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नमक शरीर में पानी को बनाए रखता है। जिससे हाई बीपी और सूजन हो सकती है। प्रीक्लेम्पसिया के कारण समय से पहले प्रसव, कम वजन का जन्म और सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
एनएचएस की सलाह है कि गर्भवती महिलाओं को अपने नमक का सेवन प्रतिदिन छह ग्राम तक सीमित रखना चाहिए। नमक का सेवन कम करने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं। पैक्ड फूड जैसे सोया सॉस, सरसों और मेयोनेज़ जैसे टेबल सॉस का उपयोग सीमित करें खाना बनाते समय या खाना तैयार होने के बाद नमक डालने से बचें घर पर खाना बनाएं।