पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: लगातार बारिश और डूंडी नाले में आए बाढ़ के पानी से तराई क्षेत्र के किसानों की कमर टूट गई है। नौतनवां तहसील के ग्राम पंचायत नईकोट की राजस्व ग्रामसभा महुआरी में सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। फसल चौपट होने से किसानों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
पढ़ें :- भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का जायजा लेने पहुंचे SSB के DIG, सोनौली बॉर्डर पर ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा
फसलें बर्बाद होने से परेशान ग्रामीणों की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मुआवजे की गुहार लगाई है। पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र के किसान सालभर की मेहनत से बोई गई फसल को जलमग्न होने से खो चुके हैं। अब उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों में सोमनाथ पांडेय, देश दीपक पांडेय, लालमन गुप्ता, कृष्ण गुप्ता, संजय जायसवाल, प्रिंस अग्रहरी, राजाराम प्रजापति, नाथू गुप्ता, बेचू गुप्ता, मणिधर, राममिलन, जोगेंद्र पांडेय, विपिन अग्रहरी, विकास गुप्ता व प्रदीप सहानी समेत कई किसानों ने कहा कि शासन को तत्काल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराना चाहिए और किसानों को उनकी क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा दिलाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो किसान परिवार भुखमरी के कगार पर पहुँच जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाएंगे।
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया कि रिपोर्ट