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दीपोत्सव-2026 : घर बैठे श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित करेंगे आस्था के एक लाख दीप, रामभक्त डिजिटल माध्यम से बनेंगे सहभागी

By Abhimanyu 
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लखनऊ: रामनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ‘दीपोत्सव-2026’ के 10वें संस्करण की तैयारियां जोरों पर हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पावन सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्वलित करने के महा-रिकॉर्ड बनाने वाली है। इस बीच, देश-विदेश में रह रहे करोड़ों श्रद्धालुओं को सीधे जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का अनूठा समन्वय देखने को मिल रहा है। जिसमें भारत का प्रमुख डिजिटल धार्मिक प्लेटफॉर्म ‘श्री मंदिर’ ऐप श्रद्धालुओं की ओर से 1 लाख दीप प्रज्वलित करवाकर इस भव्य आयोजन में सहभागी बन रहा है।

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‘श्री मंदिर’ ऐप श्रद्धालुओं के माध्यम से लगातार 5वें वर्ष आयोजित की जा रही इस पहल के अंतर्गत दुनिया के किसी भी कोने में बैठा श्रद्धालु अयोध्या के ऐतिहासिक राजद्वार में प्रभु श्री राम के चरणों में अपनी आस्था का दीप समर्पित कर सकेगा। इस ऐप के माध्यम से 1, 5, 11 अथवा 21 दीप अर्पित करने का विकल्प चुन सकते हैं। श्रद्धालु द्वारा दीप अर्पण का विकल्प चयन करते ही अयोध्या के राजद्वार में उपस्थित विद्वान पुरोहितों द्वारा उनके नाम और गोत्र से विधिवत संकल्प लिया जाएगा और पूरी वैदिक मर्यादा के साथ दीप प्रज्वलित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था और पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के लिए इस संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी, जिसे बाद में डिजिटल माध्यम से सीधे श्रद्धालु के साथ साझा किया जाएगा। प्रत्येक दीप प्रभु श्री राम के चरणों में समर्पित वैश्विक श्रद्धालुओं की श्रद्धा, विश्वास और मंगलकामनाओं का प्रतीक बनेगा।

अखंड रामायण पाठ का आयोजन

दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर धार्मिक अनुष्ठानों का दायरा केवल दीप प्रज्वलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि श्री मंदिर ऐप द्वारा इस अवसर पर कई विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन आदर्शों के स्मरण हेतु अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा तथा विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों का विधि-विधान से वंदन व सेवा संपन्न होगी। इसके साथ ही, सनातन धर्म में महादान माने जाने वाले अन्नदान के अंतर्गत दीपोत्सव के अवसर पर पांच हजार से अधिक साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों के लिए वृहद भंडारे व भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

आस्था और तीर्थों के बीच भौगोलिक दूरी को मिटा रही तकनीक

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श्री मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सचान ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि किसी भी श्रद्धालु की आस्था और उसके आराध्य के पवित्र तीर्थस्थल के बीच भौगोलिक दूरी कोई बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या दीपोत्सव और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर जिस भव्यता से स्थापित कर रही है, उसमें एक सहयोगी के रूप में योगदान देना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उनका यह दायित्व है कि दुनिया भर में बैठे प्रत्येक रामभक्त का पावन संकल्प अयोध्या तक पहुंचे और उनके नाम का हर दीप पूर्ण विधि-विधान, श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रज्वलित हो।

गौरतलब है कि 4 करोड़ से अधिक डाउनलोड के साथ ‘श्री मंदिर’ ऐप देश भर के 100 से अधिक प्रमुख मंदिरों से जुड़ी ऑनलाइन पूजा, सेवा, चढ़ावा अर्पण एवं प्रसाद वितरण जैसी सेवाएं सुलभ करा रहा है। इस पहल से उन वृद्ध, अस्वस्थ एवं सुदूर देशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी अयोध्या दीपोत्सव का आध्यात्मिक लाभ मिल सकेगा, जो भौतिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं।

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