Dhanteras 2026 : हिंदू धर्म में भगवान कुबेर को धन और समृद्धि का देवता माना जाता है। धनतेरस की तिथि पर घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान में कुबेर यंत्र की स्थापना करना और उसे जागृत (एक्टिवेट) करना बहुत ही माना जाता है। कुबेर यंत्र एक खास ज्यामितीय आकृति वाला यंत्र होता है।धार्मिक मान्यता है कि इसे घर या दुकान की तिजोरी में रखने और नियमित पूजा करने से धन की रक्षा होती है. माना जाता है कि कुबेर यंत्र की पूजा से घर में सुख-समृद्धिि बनी रहती है और नकाारात्मक प्रभावों से बचाव होता है।
कुबेर यंत्र को हमेशा घर, दुकान या ऑफिस की उत्तर दिशा में स्थापित करें। इसे आप अपने पूजा घर, तिजोरी या कैश बॉक्स के पास भी रख सकते हैं। यंत्र को इस तरह रखें कि उसका मुख दक्षिण दिशा की ओर रहे। जब आप यंत्र की पूजा करें, तो आपका मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। इसके साथ हरे रंग के वस्त्र रखने और कुछ धन अर्पिित करने की भी परंपरा बताई गई है। पूजा के दौराान इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
पंचोपचार पूजा: यंत्र पर कुमकुम, चंदन और अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं। इसके बाद धूप और घी का दीपक जलाएं।
भोग: भगवान कुबेर को फल, मिठाई या पंचामृत का भोग लगाएं।
मंत्र जाप (एक्टिवेट करने का मुख्य चरण): यंत्र को ऊर्जावान बनाने के लिए कमलगट्टे या तुलसी की माला से नीचे दिए गए मंत्रों में से किसी एक का 11, 21 या 108 बार जाप करें:
सरल मंत्र: “ॐ श्री कुबेराय नमः”
सिद्ध कुबेर मंत्र: “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा”