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दूरदर्शन की पॉपुलर न्यूज रीडर सरला माहेश्वरी का निधन , कांग्रेस ने लिखा- टीवी पत्रकारिता के एक स्वर्णिम युग का अंत

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली: दूरदर्शन (Doordarshan) की पॉपुलर न्यूज रीडर सरला माहेश्वरी का निधन हो गया है। उनके निधन को टीवी पत्रकारिता के एक गोल्डन एरा का अंत कहा जा रहा है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस (All India Mahila Congress) ने ट्वीट कर सरला को याद किया। उन्होंने लिखा कि सरला की विश्वसनीयता और शालीनता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। सरला माहेश्वरी (Sarla Maheshwari) के परिवार ने एक पोस्ट के जरिए अंतिम संस्कार की जानकारी दी। इसके मुताबिक 12 फरवरी को शाम 4 बजे निगम बोध घाट, दिल्ली में कर दिया गया।

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मशहूर एंकर शम्मी नारंग ने जताया शोक

दूरदर्शन की पूर्व न्यूज़ रीडर सरला माहेश्वरी, जो 1980 और 1990 के दशक में टीवी न्यूज़ के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक थीं, का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। उनके फ़ैमिली फ़्रेंड शम्मी नारंग ने यह जानकारी दी। वह 71 साल की थीं। माहेश्वरी, जिन्होंने 1976 से 2005 तक दूरदर्शन पर न्यूज़ रीडर के तौर पर काम किया, भारत में टीवी न्यूज़ की शुरुआत करने वालों में से एक थीं, उस समय जब ब्रॉडकास्ट दिन भर में कुछ ही घंटों तक सीमित रहता था। माहेश्वरी की को-एंकर रहे नारंग ने भी X और इंस्टाग्राम पर यह खबर पोस्ट करके बताई।

दूरदर्शन के मशहूर एंकर शम्मी नांरग ने भी उनके निधन पर शोक जताया है और एक्स पर लिखा है, कि ‘दूरदर्शन में मेरी पूर्व सह-समाचार एंकर सरला माहेश्वरी के निधन की दुखद खबर देते हुए मुझे अत्यंत पीड़ा हो रही है। वे शालीनता और विनम्रता की साक्षात मूर्ति थीं। वे ना सिर्फ दिखने में सुंदर थीं, बल्कि दिल से भी कहीं अधिक उदार थीं। भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ थी और वे ज्ञान का भंडार थीं। दूरदर्शन स्क्रीन पर उनकी उपस्थिति का एक अनूठा आकर्षण था। वे सभी का सम्मान करती थीं और जिस भी माहौल में होती थीं, उसे जीवंत बना देती थीं। मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर उनकी आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें और माहेश्वरी परिवार को शक्ति दें। ओम शांति।’

दूरदर्शन का सुनहरा युग

सरला माहेश्वरी जी को उनके अंदाज के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनकी आवाज और खबर पढ़ने के अंदाज में एक अलग ही शांति और भरोसा होता था जो दर्शकों को अपनी तरफ खींच लेता था। सरला ने उस दौर में समाचार पढ़ने को एक संस्कारी और सम्मानित पहचान दी। ये वो वक्त था जब एंकर ही खबर की विश्वसनीयता हुआ करते थे।

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सरला माहेश्वरी का निधन

सरला माहेश्वरी का जाना भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके निधन पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि दी। एक ने लिखा, वे उस वक्त से समाचारों से जुड़ी हैं जब समाचार का मतलब ड्रामा नहीं लेकिन क्लियैरिटी होता था। इस तरह का ग्रेस आज नहीं दिखता। एक ने लिखा, बड़ी ही शानदार पर्सनैलिटी थीं। हम इन्हें सुनते हुए बड़े हुए।

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