लखनऊ। NRHM घोटाले के आरोपी मुकेश श्रीवास्तव की जड़े उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में काफी गहरी हैं। पिछले करीब 20 सालों से लगातार उसके इशारों पर स्वास्थ्य विभाग में बड़े खेल हो रहे हैं। मौजूद सरकार में भी NRHM के आरोपी मुकेश श्रीवास्तव पर अधिकारी मेहरबान है, जिसके कारण नियमों की अनदेखी कर वो लगातार फर्में बदलकर दवाओं और स्वास्थ्य उपकरणों की सप्लाई कर रहा है। सूत्रों की माने तो प्रदेश के करीब दो दर्जन जिलों में मुकेश और उससे जुड़ी हुई फर्में काम कर रही हैं और अधिकारी इनको काम देने के लिए हर नियम की जमकर अनदेखी कर रहे हैं।
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ऐसा नहीं कि, मुकेश और उससे जुड़ी हुई फर्मों की शिकायत अधिकारियों और मुख्यमंत्री से न की गई हो। पयागपुर के भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी से लेकर भाजपा नेता राहुल राठौर समेत कई अन्य नेताओं ने भी मुकेश और उससे जुड़ी फर्मों की शिकायत की थी। इनका आरोप है कि, नियमों की अनदेखी कर मुकेश को काम दिया जा रहा है, जबकि इसकी कई फर्में सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड है। इसके बाद भी ये नई फर्म बनाकर स्वास्थ्य विभाग में नियमों के विपरित काम करने में जुटा हुआ है।
कई करीबियों के नाम पर संचालित कर रहा फर्में
सूत्रों की माने तो मुकेश श्रीवास्तव और उससे जुड़ी हुई फर्मों की लगातार शिकायत होने के बाद उसने अपने करीबियों और रिश्तेदारों के नाम से फर्में बना लीं। अब इन फर्मों के जरिए वो स्वास्थ्य विभाग में बड़ा खेल कर रहा है। सबसे अहम बात है कि ये उन जिलों में सबसे ज्यादा काम करता है जहां पर इसके करीबी CMO तैनात होते हैं। अपने करीबी CMO की तैनाती के लिए भी मनीष अपना पूरा जोर लगा देता है। सूत्रों की माने तो प्रदेश में करीब एक दर्जन से ज्यादा जिलों में इसके करीबी CMO तैनात हैं।
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इन जिलों में मुकेश का चलता है सिक्का
NRHM घोटाले के आरोपी मुकेश श्रीवास्तव और उससे जुड़ी हुई फर्मों का वैसे तो पूरे प्रदेश में सिक्का चलता है। लेकिन प्रदेश के बलरामपुर, गोंडा, संतकबीरनगर, बहराचइ, मैनपुरी, मेरठ समेत कई ऐसे और जिले हैं, जहां पर इसको नियमों के विपरित काम दिया जाता है।