Reason for flood in Faizullaganj : यूपी की राजधानी लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ने और जलभराव के चलते कई इलाके बाढ़ग्रस्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा बुरी स्थिति फैजुल्लागंज की है, जहां पर करीब 40 हजार घरों में 5 फीट से ज्यादा पानी भरा है। जिसकी वजह से 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और उन्हें अपना आशियाना छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चुनाव नजदीक हैं ऐसे में भाजपा के खिलाफ विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने हवाई सर्वे कर फैजुल्लागंज समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। वो सोमवार को प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उनका हाल पूछा। उन्होंने लोगों को खाने का सामान भी बांटा। इस बीच, फैजुल्लागंज में जलभराव की समस्या का पूरी तरह समाधान कैसे होगा? इस सवाल का जवाब अभी भी प्रशासन को ढूंढना है। चुनाव से पहले ये एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन सकता है, क्योंकि इस इलाके में बड़ी आबादी रहती है। यहां पर बाढ़ के बाद लोग अपने घरों में ताला लगाकर नावों के सहारे सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। हालांकि, फैजुल्लागंज में जलभराव की समस्या नई नहीं है। यहां पर हर बरसात में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आइये जानते हैं कि इस इलाके में जलभराव की समस्या क्यों बनी रहती है-
फैजुल्लागंज में जलभराव के मुख्य कारण
1- गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर : फैजुल्लागंज में जलभराव की पहले कारण की बात करें तो यह इलाका गोमती नदी के पास स्थित है। लगातार भारी बारिश के कारण जब नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो उसका पानी वापस रिहायशी बस्तियों और नीचले इलाकों में घुस जाता है।
2- भौगोलिक स्थिति : दूसरी वजह सबसे बड़ी वजह फैजुल्लागंज की भौगोलिक स्थिति है। यह आसपास के इलाकों की तुलना में नीचा है। जिसके कारण बारिश का पानी और नदी का ओवरफ्लो हुआ पानी बहुत जल्दी से इस इलाके में जहां जमा हो जाता है और आसानी से निकल नहीं पाता।
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3- जल निकासी व्यवस्था का अभाव: इस इलाके में अनियोजित विकास और जल निकासी की कमी जलभराव की तीसरी बड़ी वजह है। दरअसल, इस घनी आबादी वाले क्षेत्र (लगभग 3 लाख की आबादी) में बिना किसी ठोस योजना के निर्माण हुआ है और यहां नदी-नालों की निकासी और वाटर-डिस्चार्ज सिस्टम का अभाव देखने को मिलता है, जिससे पानी कई-कई दिनों तक जमा रहता है।
4- प्रशासन की लापरवाही : इस इलाके में जल निकासी की समस्या पिछले कई सालों से है। ऐसे में प्रशासन ने इस पर क्यों ध्यान नहीं दिया। ये बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बरसात के मौसम में यही हाल होता है। अधिकारी केवल अस्थायी आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के रूप में मजबूत तटबंध या आधुनिक पंपिंग सिस्टम जैसी व्यवस्था नहीं की जाती है।