Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम पर नया बवाल, छात्रों ने लगाया नंबर घटाने का आरोप, NTA ने दावों को बताया ‘फर्जी’

नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम पर नया बवाल, छात्रों ने लगाया नंबर घटाने का आरोप, NTA ने दावों को बताया ‘फर्जी’

By Sushil Sah 
Updated Date

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-examination) के परिणाम जारी होने के बाद एक बार फिर बड़ा विवाद सुनने में आया है। देश भर के सैकड़ों छात्रों ने NTA पर परीक्षा परिणामों में भारी असमानताओं और नंबर कम करने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, NTA ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल OMR sheet को फर्जी और डिजिटली एडिटेड बताया है।

पढ़ें :- वाराणसी में एक युवक ने खुद को लगाई आग, युवती बनाती रही वीडियो

OMR से मिलान के बावजूद स्कोरकार्ड में घटे नंबर

देश के विभिन्न राज्यों से ऐसे मामले सुनने में आ रहे हैं जहां अभ्यर्थियों का कहना है कि आधिकारिक Answer Key और उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी के मिलाने पर उनके नंबर बहुत अधिक आ रहे थे, लेकिन जब फाइनल रिजल्ट पोर्टल पर देखा गया तो बेहद कम अंक देखने को मिले।

कानपुर: कानपुर की छात्रा ‘आर्या सिंह’ ने आरोप लगाया कि री-नीट की Answer Key के मुताबिक उनके 609 अंक बन रहे थे। ज​बकि रिजल्ट जारी होने पर पहले उनके 540 अंक दिखे, लेकिन मात्र दो घंटे बाद उनका स्कोर घटकर 167 नंबर रह गया।

अयोध्या: वहीं अयोध्या के ‘अभय यादव’ ने अपनी OMR sheet साझा करते हुए दावा किया कि उनके 634 नंबर होने चाहिए थे, लेकिन स्कोरकार्ड में सिर्फ 164 नंबर प्राप्त हुए है। छात्र का कहना है कि उसने परीक्षा में सिर्फ 5 प्रश्न छोड़े थे, जबकि रिजल्ट पोर्टल पर 45 प्रश्न छूटे हुए दिखाए जा रहे हैं।

पढ़ें :- वंदे मातरम का अपमान करने वालों को होगी 3 साल की जेल, मानसून सत्र में सख्त कानून लाएगी केंद्र सरकार

महाराष्ट्र और कर्नाटक: महाराष्ट्र के बीड और कर्नाटक के भी कुछ छात्रों ने आरोप लगाया हैं कि उन्हें 700 से अधिक अंक मिलना चाहिए लेकिन उन्हें 100 से भी कम नंबर दिए गए हैं। जिससे उनकी रैंक लाखों में पीछे चली गई है।

एनटीए का स्पष्टीकरण: छात्रों के बढ़ते विरोध और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद NTA ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि ‘फर्जी ओएमआर फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई’।

डिजिटली अल्टर की गई शीट: NTA ने लखनऊ की एक छात्रा के मामले का हवाला देते हुए बताया कि छात्रा का 38 नंबर का स्कोर पूरी तरह सही है। सोशल मीडिया पर जिस OMR sheet को दिखाकर 640 नंबर का दावा किया जा रहा है, वह डिजिटली एडिटेड है।

AI-जनरेटेड दस्तावेजों का इस्तेमाल: NTA ने चेतावनी दी है कि जांच के दौरान कई छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दावे और OMR sheet नकली या Artifical Intelligence टूल का उपयोग करके तैयार की गई पाई गई हैं।

कड़ी सजा का प्रावधान

पढ़ें :- E20 विवाद पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए चुकानी होगी ज्यादा कीमत

एजेंसी ने साफ किया कि फर्जी OMR sheet बनाना या उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना पब्लिक एग्जामिनेशन, Prevention of Unfair Means एक्ट, 2024 के तहत एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले तत्वों और छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही NTA ने सभी उम्मीदवारों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी रिजल्ट को ही सही मानें।

Advertisement