नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (former Prime Minister Rajiv Gandhi) के उस फैसले का जिक्र किया, जिसके तहत 1988 में मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई थी। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश (Congress General Secretary and Communications In-charge Jairam Ramesh) ने आरोप लगाया कि एक प्रधानमंत्री ने युवाओं को मतदान का अधिकार दिया, जबकि दूसरा जेन जी से यह अधिकार “हथियाने” की कोशिश कर रहा है।
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जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि यह दो प्रधानमंत्रियों की कहानी है। दिसंबर 1988 में राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) सरकार ने संसद के नियमित शीतकालीन सत्र में संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन कर मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की थी। उन्होंने इसे युवाओं को सशक्त बनाने वाला कदम बताया।
यह दो प्रधानमंत्रियों की कहानी है।
एक प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने दिसंबर 1988 में संसद के नियमित शीतकालीन सत्र में संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करवाकर मतदान की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी। ये वो प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने युवाओं को सशक्त बनाया।
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— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 25, 2026
कांग्रेस सांसद ने पीएम मोदी (PM Modi) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2024 से मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को रोक दिया गया है, जिससे जेन जी के नए मतदाताओं (Gen-Z Voter) के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने जेन जी को वोट दिया, जबकि दूसरा इसे छीनने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करने पर तुला हुआ है।