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RBI के फैसले के बाद सोने-चांदी में धड़ाम, क्या अब और सस्ता होगा सोना?

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट (Repo Rate)  में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों (Gold and Silver Prices) में दबाव देखने को मिला। RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह फैसला महंगाई को नियंत्रित करने और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता के बीच लिया है।

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रेपो रेट (Repo Rate) बढ़ने के बाद सोने की कीमत करीब 600 रुपये गिरकर 1,49,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी में करीब 1,900 रुपये की गिरावट आई और इसका भाव 2,25,236 रुपये प्रति किलो पर आ गया। दिन के कारोबार में MCX पर सोना 1,49,350 रुपये तक नीचे गया था।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड का भी दबाव

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह सिर्फ RBI का फैसला नहीं है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स करीब 4,169.51 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर फ्यूचर्स करीब 61.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे।

सोना और चांदी ऐसे एसेट हैं जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब रेपो रेट और सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो फिक्स्ड इनकम और डेट इंस्ट्रूमेंट्स निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं। 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड भी करीब 7.2 फीसदी तक पहुंच गई है।

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1.49 लाख पर सोने को मिल रहा सपोर्ट

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी एक्सपर्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने को करीब 1.49 लाख रुपये के स्तर पर सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती सोने की कीमतों में आगे की तेजी को सीमित कर सकती है।

त्रिवेदी के अनुमान, के मुताबिक, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और सोने की कीमत 1,48,000 रुपये से 1,51,000 रुपये के बीच रह सकती है। इसी वजह से चांदी की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है।

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