Who is the new Chief Election Commissioner?: ज्ञानेश कुमार गुप्ता देश के नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) होंगे। वह निवर्तमान चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार की जगह लेंगे। कानून मंत्रालय ने कहा कि इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को सोमवार (17 फरवरी, 2025) को अगला चीफ इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किया गया। वह इलेक्शन कमीशन (EC) के सदस्यों की नियुक्ति पर नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले सीईसी (CEC) हैं।
पढ़ें :- BJP राज में भ्रष्टाचार का स्वर्ण ठोसीकरण जिस तरह से हो रहा है, उसकी पोल भी एक दिन ‘राम मंदिर में चोरी’ की तरह खुलेगी: अखिलेश यादव
दरअसल, पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति ने सोमवार शाम को ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश की, जिस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुहर लगाई।नए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार गुप्ता का कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक चलेगा, जिसके कुछ दिन बाद ही इलेक्शन कमीशन अगले लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। साथ ही डॉ. विवेक जोशी तीन सदस्यीय इलेक्शन कमीशन के नए सदस्य होंगे।
बता दें कि राजीव कुमार 18 फरवरी यानी मंगलवार को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे पहले पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की साउथ ब्लाक कार्यालय में बैठक हुई। इस दौरान पांच नामों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन लोकसभा में नेता विपक्ष और समिति के सदस्य राहुल गांधी ने इन सभी नामों पर असहमति दर्ज कराई। समिति में पीएम मोदी और राहुल गांधी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी सदस्य हैं।
कौन है ज्ञानेश कुमार गुप्ता?
ज्ञानेश कुमार गुप्ता केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इलेक्शन कमीशन में वह तीन सदस्यीय पैनल के दो कमिश्नर में से वरिष्ठ हैं। इसी पैनल के दूसरे कमिश्नर उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं। इस पैनल का नेतृत्व राजीव कर रहे थे। ज्ञानेश कुमार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। वह पिछले साल जनवरी में सहकारिता मंत्रालय के सचिव के रूप में सिविल सेवा से सेवानिवृत्त हुए, जिसका नेतृत्व गृहमंत्री ही करते हैं।
पढ़ें :- Neeraj Chopra : नीरज चोपड़ा 2026 एशियन गेम्स से बाहर, चोट ने दिया बड़ा झटका
ज्ञानेश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय का हिस्सा रहते हुए अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना भी शामिल था। उस वक्त वह गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कश्मीर संभाग) थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने अयोध्या में राम मंदिर के बारे में सुप्रीम कोर्ट के मामले से संबंधित दस्तावेजों को भी संभाला। ज्ञानेश कुमार इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों की देखरेख करेंगे।