बांका। बिहार के बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रभारी पर एक छात्रा से मोबाइल फोन पर कथित तौर पर अश्लील चैटिंग और बातचीत करने का गंभीर आरोप का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद छात्रा के परिजनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ महिला थाने में भी लिखित शिकायत दी है।
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ऐसा बताया जा रहा है कि विद्यालय की एक छात्रा और प्रभारी के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत शुरू हुई थी। छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बातचीत आगे बढ़ने के बाद कथित तौर पर अश्लील चैटिंग होने लगी। जब इस बात की जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए विद्यालय पहुंचकर प्रभारी से पूछताछ की। रिपोर्ट के मुताबिक, परिजनों ने प्रभारी के सामने कथित चैटिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, विद्यालय प्रभारी ने इन आरोपों को मानने से इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित चैट वास्तव में किसने की और उसकी पूरी परिस्थितियां क्या थीं? इस मामले की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
आपको बता दें कि इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और महिला थाना में किए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर डीपीओ स्थापना संजय यादव विद्यालय पहुंचे और संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। वहीं, बीईओ भूपेंद्र कुमार सिंह ने मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई है। आगे अब जांच में ही पता चलेगा कि छात्रा और विद्यालय प्रभारी के बीच मोबाइल पर किस तरह की बातचीत हुई थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस मामले में कथित चैट या अन्य डिजिटल साक्ष्य सामने आने पर उनकी भी जांच की जा सकती है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रा की पहचान सार्वजनिक न की जाए। नाबालिग से जुड़े मामलों में लड़की की पहचान उजागर करना कानूनन गंभीर विषय हो सकता है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर छात्रा की तस्वीर, नाम, मोबाइल नंबर या ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए, जिससे उसकी पहचान हो सके।
वर्तमान में शिक्षा विभाग की जांच और महिला थाने में दी गई शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार हो रहा है।