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Heart Disease : हाल के वर्षों में हार्ट अटैक के क्यों बढ़ गए मामले? रिसर्च में बड़ा खुलासा

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। कोई जिम में ट्रेड मिल पर दौड़ रहा है अचानक से गिर जाता है। पता चलता है हार्ट फेल हो गया। कोई बैडमिंटन खेल रहा होता है अचानक से गिर जाता है पता चलता है कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) से मौत हो गई। कोई डांस करते करते अचानक से गिर जाता है। पता चलता है हार्ट अटैक (Heart Attack) आ गया उसकी मौत हो गई। हाल के दिनों में जो मौतें हो रही हैं उसमे से किसी की उम्र 15 साल 18 साल 20 साल 30 35 45 साल। देश में एक दो नहीं कई केसेज सामने आए हैं।

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हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामले दुनियाभर में जिस गति से बढ़ते जा रहे हैं, इसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को सोचने पर विवश कर दिया है। भारत में भी हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर (Heart Attack-Heart Failure) की घटनाएं न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाती जा रही हैं, इसके कारण मृत्यु दर भी काफी बढ़ गया है। चिंताजनक बात ये है कि अब 20 से भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक (Heart Attack) और इससे मौत के मामले अधिक रिपोर्ट किए जा रहे हैं। कोविड-19 (Covid-19)  महामारी के बाद से हृदय संबंधी घटनाएं और भी बढ़ गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या महामारी ने हृदय रोगों को बढ़ा दिया है।

इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिल्वेनिया (University of Pennsylvania, USA) के शोधकर्ताओं ने अध्ययन (Study) किया। इसमें विशेषज्ञों ने बताया है कि कोविड-19 (Covid-19) रोग ने हृदय स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है, दुनियाभर में बढ़ते हार्ट अटैक (Heart Attack) और हृदय संबंधित बीमारियों के लिए इसे एक कारण माना जा सकता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों को कोविड महामारी (Covid Pandemic) के दौरान संक्रमण हो चुका है उनमें हृदय संबंधित बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है।

कोविड महामारी ने बढ़ाया हृदय रोगों का खतरा

अमेरिका और पोलैंड में किए गए इन अध्ययनों में कोविड-19 (Covid-19)  के कारण हृदय स्वास्थ्य को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि जो बच्चे कोविड-19 (Covid-19)  से संक्रमित रह चुके हैं उनमें उच्च रक्तचाप और हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं की आशंका काफी अधिक होती है। इसी तरह संक्रमण के बाद हृदय संबंधी लक्षण वयस्कों में अधिक आम देखे जा रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कोरोना महामारी (Corona Pandemic) ने हृदय रोगों के जोखिमों को काफी बढ़ा दिया है।

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पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय (University of Pennsylvania) के नेतृत्व वाली शोधकर्ताओं ने टीम ने मार्च 2020 से सितंबर 2023 तक कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण के एक से 6 महीने बाद हृदय रोग के जोखिम का अनुमान लगाने के लिए अध्ययन किया। इसके लिए 1.2 मिलियन (12 लाख) से अधिक लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों में पुरुष-महिला और बच्चे सभी लोगों को शामिल किया गया था।

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं की टीम ने जिन लोगों को कोविड का संक्रमण रहा है, भले ही किसी भी वैरिएंट का उनमें भविष्य में हृदय संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक देखा गया।

पहले नहीं थी बीमारी पर कोविड के बाद सामने आए मामले

अध्ययन के लेखकों ने कहा कि शोध में ये भी देखा गया है कि संक्रमण से पहले बिना किसी भी तरह के हृदय रोगों की हिस्ट्री वाले लोगों में बाद में हृदय रोग विकसित हुए हैं। पहले के अध्ययनों में भी कोविड-19 (Covid-19) के कारण हृदय रोग के खतरों को लेकर सावधान किया जाता रहा है। इस अध्ययन से भी स्पष्ट होता है कि कोविड महामारी ने हृदय स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

संक्रमण के बाद कार्डियोवैस्कुलर (Cardiovascular) विकारों के बढ़ते जोखिम के बारे में सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। बच्चों और किशोरों में दीर्घकालिक जोखिम हो सकते हैं, इसलिए समय पर इसका निदान और जटिलताओं को कम करने के लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है।

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