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Holashtak 2026 : होलाष्टक अष्टमी से पूर्णिमा तक , जानें क्या करें उपाय और कैसे पाएं सुख-समृद्धि

By अनूप कुमार 
Updated Date

Holashtak 2026 :  उत्साह, उमंग, धूम का त्योहार होली हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। होली के आठ दिन पहले होलाष्टक की शुरुआत होती है। इस दौरान कोई भी बड़ा और शुभ काम जैसे शादी, गृह प्रवेश या नया कारोबार शुरू करना टाल दिया जाता है। होलाष्टक के पीछे ज्योतिषीय कारण से लेकर धार्मिक मान्यताएं तक शामिल हैं।  इस दौरान कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इस बार कब शुरू हो रहे हैं होलाष्टक?

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कब शुरू हो रहे हैं होलाष्टक?
वैदिक पंचांग के अनुसार साल 2026 में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 24 फरवरी की सुबह 7 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी। यह तिथि 25 फरवरी की शाम 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। चूंकि होलाष्टक की शुरुआत अष्टमी तिथि से मानी जाती है, इसलिए इस साल होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू हो जाएंगे।

होलाष्टक में आठ ग्रह उग्र हो जाते हैं
होलाष्टक में आठ ग्रह उग्र हो जाते हैं, इसलिए शुभ काम नहीं होते। यह होलाष्टक अष्टमी से पूर्णिमा तक रहता है। प्र्त्येक दिन एक ग्रह उग्र रहता है। इस उग्रता से शुभ कामों पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके प्रभाव से जीवन में कई प्रकार की समस्याएं भी आ सकती हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु उग्र होते हैं, इसलिए होलाष्टक के 8 दिनों में शुभ काम नहीं किए जाते।

शुभ कार्यों  की मनाही
होलाष्टक में भले ही शुभ कार्यों के करने की मनाही है लेकिन देवताओं की पूजा अर्चना कर सकते हैं।

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