Holi Health Tips : होली का रंगारंग त्योहार कई दिनों तक चलने वाला रहता है। लोग एक दूसरे से मिलने जुलने की परंपरा का पालन करते है। ऐसे में मेहमानों के स्वागत में पकवान बनाये जाते है। मिठाई और नमकीन भी मेहमानों के साने परोसा जाता है। खाने खिलाने के दौर में डाइट को लेकर संयम बहुत जरूरी है। इससे खुद का ख्याल रखना और अभी आसान हो जाता है।
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पाचन समस्या
होली में पकवानों की बहार रहती है। प्रेम के प्रतीक ये त्योहार व्यंजनों के चटकारे से सराबोर होती है। अधिक खा लेने की वजह से पाचन की समस्या हो जाती है।
ज़्यादा न खाएं, संयम बरतें
होली के मौके पर बनने वाले ट्रेडिशनल फ़ूड जैसे – गुजिया, समोसा, नमकपारे, पापड़ और जलेबी जैसे तले हुए और शुगर-साल्ट कोटेड स्नैक्स में कैलरीज़ और हानिकारक फैट्स होते हैं, जिससे पेट में सूजन और डाइजेशन खराब हो सकता है। इसलिए इन्हें खाते वक़्त संयम बहुत ज़रूरी है। बस ज़्यादा न खाएं, संयम बरतें।
डिहाइड्रेशन होने का भी खतरा होता है
होली पर अल्कोहल और भांग पीने पर कुछ लोग इसकी क्वांटिटी पर कंट्रोल नहीं कर पाते और ज़रूरत से ज़्यादा पीते हैं जो बेहद हानिकारक हो सकता है। आप इसके विकल्प के तौर पर ताज़े फलों के रस या नारियल के पानी जैसे हेल्दी बेवरेजिज़ का विकल्प चुनें क्योंकि बहुत ज़्यादा अल्कोहल सेवन से डिहाइड्रेशन होने का भी खतरा होता है।
ताजे फलों का रस
होली के मौके पर ताजे फलों का रस पिएं। गर्मी से राहत पाने और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए होली के ताज़गी भरे फलों के रस का आनंद लें, जैसे तरबूज का जूस, कच्चे आम का आम पन्ना या चटपटा कोकम शरबत।
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तरबूज का जूस, कच्चे आम का आम पन्ना या चटपटा कोकम शरबत। अन्य आकर्षक विकल्पों में स्ट्रॉबेरी मिल्कशेक, संतरे-गाजर का जूस, अनानास पंच और नारियल से बने पेय शामिल हैं। ये पेय ठंडे ही परोसे जाएं तो उत्सव के स्नैक्स और ऊर्जा से भरपूर माहौल का पूरा आनंद देते हैं।