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हैदराबाद का हजार साल से अधिक पुराना अम्मापल्ली राम मंदिर, जानें क्यों यह धार्मिक स्थल है टॉलीवुड की पहली पसंद

By santosh singh 
Updated Date

रंगा रेड्डी। तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले स्थित शमशाबाद के अम्मापल्ली गांव में स्थित श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर (Sri Sita Ramachandra Swamy Temple) केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्थापत्य कला, इतिहास और भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत संगम है। लगभग 1,000 साल पुराना यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला, रामायण कालीन मान्यताओं और तेलुगु सिनेमा (Tollywood) के साथ अपने गहरे जुड़ाव के कारण पूरे देश में जाना जाता है। यह ऐतिहासिक धरोहर यूनेस्को (UNESCO) द्वारा भी सराही जा चुकी है।

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त्रेतायुग से जुड़ा इतिहास और मंदिर से जुड़ी अनोखी पौराणिक मान्यताएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपने 14 वर्षों के वनवास के दौरान भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने इस स्थान पर कुछ समय विश्राम किया था। यही कारण है कि मंदिर के मुख्य गर्भगृह में केवल श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की ही प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाएं एक ही काले पत्थर (एकशिला) को तराशकर बनाई गई हैं। इस एकल पत्थर पर दशावतार के चित्र भी उकेरे गए हैं। आमतौर पर सभी राम मंदिरों में गर्भगृह के अंदर हनुमान जी की प्रतिमा होती है, लेकिन यहाँ हनुमान जी गर्भगृह में न होकर मंदिर के ध्वज स्तंभ के पास बाहर खड़े हैं। मान्यता है कि यह दृश्य उस समय का है जब श्री राम की मुलाकात हनुमान जी से नहीं हुई थी, इसलिए वे बाहर आज्ञा की प्रतीक्षा में विराजमान हैं।

चालुक्य कालीन वास्तुकला, भव्य गोपुरम और यूनेस्को का सम्मान

अम्मापल्ली मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में कल्याणी चालुक्य राजाओं के शासनकाल के दौरान माना जाता है। मंदिर का मुख्य द्वार लगभग 80 फीट ऊंचा और सात मंजिला ‘गाली गोपुरम’ (प्रवेश द्वार) है, जो अपनी राजस्थानी और दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला के दुर्लभ मिश्रण के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर के पास एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक जलकुंड (पुष्करिणी) और सीढ़ीदार कुआं (स्टेपवेल) बना हुआ है, जो नारियल के पेड़ों और नक्काशीदार खंभों से घिरा हुआ है। इसकी बेजोड़ वास्तुकला और प्राचीनता को देखते हुए यूनेस्को (UNESCO) ने इसे एक प्रमुख हेरिटेज साइट के रूप में सराहा है।

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तेलुगु सिनेमा का लकी चार्म

400 से अधिक सुपरहिट फिल्मों का गवाह तेलुगु फिल्म उद्योग (टॉलीवुड) में इस मंदिर की एक खास पहचान है। टॉलीवुड के निर्देशकों और निर्माताओं के बीच यह मान्यता है कि इस मंदिर में शूट की गई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट होती हैं। अब तक यहाँ 400 से भी अधिक फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और गानों की शूटिंग हो चुकी है। महेश बाबू सुपरस्टार ‘मुरारी’, पवन कल्याण की ‘तीनमार’, और प्रभास की ‘मिस्टर परफेक्ट’ जैसी कई बड़ी फिल्मों के मुख्य दृश्य इसी मंदिर और इसके पुष्करिणी परिसर में फिल्माए गए हैं।

एयरपोर्ट के पास स्थित खूबसूरत पर्यटन और धार्मिक स्थल

राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (शमशाबाद) से महज कुछ ही दूरी पर स्थित होने के कारण यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। रामनवमी और वैकुंठ एकादशी के अवसरों पर यहाँ भव्य उत्सव आयोजित किए जाते हैं। प्राचीन शांति, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक समृद्धता का अनुभव करने के लिए यह मंदिर तेलंगाना के सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में से एक है।

रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा

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