नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में टूट हो गयी है। टीएमसी के नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा बीजेपी को घेरने वाली सयानी घोष ने भी पाला बदल लिया है। एक बातचीत के दौरान रिपोर्टर ने जब उनसे सवाल पूछने की केाशिश की तो उन्होंने कहा, मैं जवाब नहीं दूंगी। मैं केवल अपने क्षेत्र के लोगों को जवाब दूंगी।
पढ़ें :- पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव की तारीख का एलान, ममता बनर्जी लड़ सकती हैं चुनाव?
सयानी घोष के इस जवाब के बाद भी रिपोर्टर ने उन्हें अपनी बात रखने क लिए कहा। रिपोर्टर ने कहा कि, जनता उनकी बात को सुन रही है। इस पर उन्होंने कहा कि, आवाज आगे भी पहुंचेगी। दरअसल, टीएमसी में मची बगावत के बीच एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कहा जा रहा है कि, सयानी घोष को युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब अर्नब बनर्जी को यह जिम्मेदारी मिली है।
सबसे अहम है कि, कुछ दिनों पहले ही ममता बनर्जी ने सयानी घोष को इस पद पर नियुक्त किया था। वहीं, अब उनको अचानक हटा दिया गया। बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को मिली हार के बाद से ही पार्टी में बगावत हो गयी है। टीएमसी के नेता एक के बाद एककर पार्टी को छोड़ रहे हैं। करीब 19 सांसद बागी हो गये हैं और उन्होंने अपना एक अलग गुट बना लिया है। इस बागी सांसदों में सयानी घोष का नाम भी बताया जा रहा है।