Causes of abortion: मां बनना हर महिला के लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी होती है। प्रेगनेंसी के दौरान माता और पिता दोनो ही अपने बच्चों को लेकर सपने देखने लगते है। वहीं अगर किसी वजह से महिला का गर्भपात हो जाता है तो यह सबसे गहरा आघात होता है।
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जब गर्भधारण के बीसवें सप्ताह से पहले अचानक भ्रूण का विकास रुक जाता है, तो उसे गर्भपात कहते है। गर्भपात एक सामान्य घटना है। लेकिन इससे निपटना आसान नहीं होता। गर्भपात के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे भ्रूण में क्रोमोजोम की असामान्य संख्या, प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज और थॉयराइड या अन्य दिक्कतें।
कई बार गर्भपात होने के पीछे हार्मोन से संबंधित समस्याएं और प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रियाएं या फिर गर्भाशय में किसी प्रकार की दिक्कते हो सकती है। धूम्रपान, शराब और नशीली दवाओं का सेवन करने के पीछे भी वजह हो सकती है।
गर्भपात में रक्तस्त्राव, जिसमें स्पॉटिंग भी शामिल है। यह दर्द के साथ या दर्द के बिना भी हो सकता है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन, योनि से तरल पदार्थ या ऊतक का बाहर आना हो सकता है।
गर्भपात होने पर दिल की धड़कन तेज होने लगती है, पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है।अगर आपको भी खुद में ऐसे लक्षण नजर आते है तो बिना समय गवाएं तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपने योनि से ऊतक या टिशू पास किया है, तो उसे एक साफ बैग में रखकर डॉक्टर के क्लीनिक ले जाएं। लैब में गर्भपात के संकेतो की जांच के लिए ऊतक का अध्ययन किया जा सकता है।
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गर्भपात से बचने के लिए अपने खान पान का खास ख्याल रखें। स्ट्रेस न लें। अगर किसी प्रकार के नशीले पदार्थ सिगरेट,तंबाकू या शराब का सेवन करते हैं तो दूरी बना लें।