छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सब्जियों में खेड़हा भाजी बहुत ही यूजफल हेल्दी मानी जाती है। बतादें कि खेड़हा भाजी इसे तीन प्रकार की दालों से मिक्स कर के बनाई जाती है । मतलब चना दाल, अरहरदाल और मसूर के साथ मिलाकर पकाया जाता है, तो यह एक ऐसा व्यंजन बनता है, जो स्वादिष्ट भी होता है और शरीर को ताजगी और ताकत देने वाली भी होती है। खेड़हा भाजी को चना दाल, अरहर दाल और मसूर दाल के साथ पकाने से ताकत बढ़ जाता है। ये तीनों दालें प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर होती हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने का काम करती है छत्तीसगढ़ के खेतों, मेड़ों में उगने वाली देसी और पोषक भाजी है। इसका स्वाद थोड़ा कसैला होता है लेकिन जब इसे दालों के साथ पकाया जाता है, तो इसका स्वाद बहुत ही अच्छा लगता है।
पढ़ें :- Japanese Health Secret : जानिए कम और संतुलित खाकर 100 साल से ज्यादा जीने का आसान तरीका
विद्यि
इस रेसिपी को कैसे पकाते है। बतादें कि खेड़हा भाजी और चना दाल अरहर दाल और मसूर दाल तीनों को खेड़हा भाजी के साथ कुकर में पकाया जाता है जिससे यह पक कर मुलायम हो जाए। कढ़ाही में सरसों का तेल और जीरा लहसुन का तड़का लगा दिया जाता है। लो बन गई खेड़हा भाजी मिक्स दाल। गरमागरम सर्व करें मजा आजायेगा।