पुराने बयान पर IIT ने जताया खेद
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विवाद के बीच IIT बॉम्बे ने साहिल की मौत के बाद जारी अपने शुरूआती बयान को लेकर भी माफी मांगी है। संस्थान ने माना कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को लेकर कोई निष्कार्षात्मक बात कहना उचित नहीं था। यह कदम कैंपस में छात्रों के विरोध और प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आया है। साहिल के मामले में IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को बताया था कि उसे मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। संस्थान के अनुसार उसने परीक्षा के सवालों के जवाब पाने के लिए प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था। IIT ने यह भी कहा था कि उसके खिलाफ तत्काल कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उसे समझाया गया था कि इस घटना से उसके अकादमिक करियर पर कोई असर नहीं पडेगा।
आरोपों की जांच, कैंपस में उठे सवाल
साहिल के माता-पिता की शिकायत के बाद प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि जातिगत भेदभाव के आरोपों को IIT बॉम्बे ने पहले खारिज किया था। अब पुलिस की जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों और साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की पड़ताल की जा रही है।
साहिल की मौत के बाद IIT परिसरों में छात्रों के मानसिक दबाव और संस्थागत व्यवस्था को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है। Global IIT Alumni Support Group के आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब दो दशकों में IIT छात्रों की कम से कम 160 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। यह स्वतंत्र रूप से जुटाया गया आंकड़ा है, आधिकारिक सरकारी समग्र आंकड़ा नहीं।