लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में फैली अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार किसी से छुपा हुआ नहीं है। आए दिन स्वास्थ्य विभाग से ऐसी खबरें सामने आती हैं, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को 221 आधुनिक वेंटीलेटर खरीदने की तैयारी करते हुए चार साल बीत चुके हैं। इसके बाद भी विभाग आधुनिक वेंटीलेर नहीं खरीद पाया। अब मामला अपर मुख्य सचिव अमित घोष के संज्ञान में आया है तो उन्होंने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही, तत्काल वेंटीलेटर खरीद का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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दरअसल, मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में वेंटीलेटर की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग 221 अत्याधुनिक वेंटीलेटर खरीदेगा। इसको लेकर तकनीकी और वित्तीय बिड कराई जा चुकी है। अब अपर मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद अगले महीने तक आधुनिक वेंटीलेटर खरीदने का काम पूरा हो सकता है।
साथ ही, जरूरत के हिसात से फिर इन्हें जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में लगाया जाएगा। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में 221 वेंटीलेटरों की खरीद होनी थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते आधुनिक वेंटीलेटरों की खरीद नहीं हो पाई। जब इस मामले की जानकारी अपर मुख्य सचिव को हुई तो उन्होंने अधिकारियों को इसको लेकर फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए।
स्वास्थ्य विभाग में फैला है भ्रष्टाचार
बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार के कारण अक्सर सरकार के मंसूबों पर पानी फिर जाता है। अधिकारियों के करतूत से सरकार के दावे पूरे नहीं होते, जिसके कारण सरकार की किरकिरी खूब होती है।
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