नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद भारत और फ्रांस के रक्षा संबंधों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने रक्षा तकनीक, अनुसंधान और आधुनिक सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
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बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा फ्रांस की महत्वाकांक्षी छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को लेकर हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत इस परियोजना से जुड़ता है तो उसे अत्याधुनिक सैन्य तकनीक और घरेलू रक्षा उत्पादन को नई दिशा मिल सकती है। सरकार की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में गहरे सहयोग के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
भारत पहले से ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में फ्रांस के साथ बढ़ती साझेदारी को रणनीतिक और तकनीकी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस सहयोग से जुड़े और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं, जिन पर रक्षा विशेषज्ञों और वैश्विक रणनीतिक समुदाय की नजर बनी हुई है।