India Internet Users 2025 : देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब यहां की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन है, जिसमें शॉर्ट वीडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बढ़ावा दे रही हैं। IAMAI की Internet in India Report 2025 के अनुसार, भारत में एक्टिव इंटरनेट यूजर्स की संख्या 95.8 करोड़ तक पहुंच गई है। जोकि 2024 की तुलना में आठ गुना ज्यादा है। हालांकि रिपार्ट ये भी बताती है कि देश की 38 फीसदी आबादी (करीब 57.9 करोड़ लोग) अभी भी इंटरनेट से दूर है, लेकिन ये अंतर भी कुछ ही साल में धीरे-धीरे कम हो जाएगा।
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शॉर्ट वीडियो और AI का जादू
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 58.8 करोड़ लोग शॉर्ट वीडियो के दीवाने हैं, जो कुल यूजर्स का 61 प्रतिशत है। दिलचस्प बात ये है कि शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में इन्हें देखा जा रहा है। वहीं, एआई (AI) अब केवल चर्चा का विषय नहीं रहा। 44 प्रतिशत यूजर्स वॉयस सर्च, एआई फोटो जनरेशन और चैटबॉट्स का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं।
शहरों को पीछे छोड़ता ग्रामीण भारत
डिजिटल डिवाइड अब तेजी से कम हो रहा है। कुल इंटरनेट यूजर्स में से 57 प्रतिशत (54.8 करोड़) ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। रिपोर्ट बताती है कि गांवों में इंटरनेट अपनाने की रफ्तार शहरों के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण का साफ संकेत है।
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शॉपिंग और गैजेट्स का बढ़ता क्रेज
ऑनलाइन शॉपिंग में फूड डिलीवरी भी अहम भूमि का निभा रहा है। क्विक कॉमर्स (जैसे जेप्टो, ब्लिंकिट) ने शहरी यूजर्स की आदतों को बदल दिया है। ऐसे में 65 प्रतिशत शहरी इंटरनेट यूजर्स अब ऑनलाइन शॉपिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी का नतीजा है कि मल्टी-डिवाइस कल्चर भी बढ़ रहा है। देश में अब 19.3 करोड़ लोग एक से अधिक गैजेट्स पर इंटरनेट का आनंद ले रहे हैं।
चुनौती अभी भी बरकरार
देखा जाए तो देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन इतनी प्रगति के बावजूद भारत की 38 प्रतिशत आबादी (लगभग 57.9 करोड़ लोग) अभी भी इंटरनेट की पहुंच से दूर है। रिपोर्ट बताती है कि ये आंकड़ा हर साल कम हो रहा है, लेकिन सार्वभौमिक कनेक्टिविटी (Universal Connectivity) के लिए अभी और प्रयास की आवश्यकता है।