दुबई। पश्चिम एशिया में चल रहे भारी सैन्य तनाव के बीच ओमान के समीप होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बेहद गंभीर घटना देखने को मिली है। यहां संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) के दो राष्ट्रीय तेल टैंकरों पर ईरान द्वारा किए गए क्रूज मिसाइल हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई है। वहीं इन हमलों में छह भारतीयों समेत आठ अन्य नाविक घायल हो गए हैं। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति और गहरा गई है।
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क्रूज मिसाइलों से टैंकरों को बनाया निशाना
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह तब हुई जब UAE के झंडे वाले दो राष्ट्रीय तेल टैंकर ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहियाह’ ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान की ओर से दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं, जो सीधे इन जहाजों पर जा लगीं। आपको बता दे कि मिसाइल लगते ही दोनों टैंकरों में भीषण आग लग गई, जिससे जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। वहीं रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मृत भारतीय नाविक ‘मोम्बासा’ टैंकर पर सवार था। इन घायलों में 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
भारत सरकार का कड़ा एक्शन
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए राजधानी में ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) ‘मोहम्मद जवाद होसैनी’ को तुरंत उपस्थित होने का आदेश दिया है। भारत ने भारतीय नाविकों को निशाना बनाए जाने को लेकर ईरान के सामने अपना कड़ा विरोध जताते हुए मामले की पूरी जानकारी मांगी है।
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UAE ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
UAE प्रशासन ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन और एक खुला हमला बताया है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा, कि UAE इस खतरनाक उकसावे का जवाब देने और अपनी संप्रभुता, क्षेत्रों, नागरिकों तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट को उच्चतम स्तर बढ़ा दिया गया है।
ईरान का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक बयान दिया जिसमें ईरानी सेना का आरोप है कि इन दोनों वाणिज्यिक जहाजों ने उनकी ओर से दी जा रही लगातार चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। ईरान का दावा है कि टैंकरों ने अपने नेविगेशन ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिए थे और वे अवैध रूप से एक ऐसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जहां माइन्स बिछी हुई हैं।
क्षेत्र में तनाव चरम पर
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इस हमले से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल चरम पर है। वहीं दूसरी ओर वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका काफी तेज हो गई है।