लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। गर्मी के मौसम में बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी से लोगों को बड़ा झटका लगा है। बिजली के दामों में 1.24 फीसदी बढ़ोतरी कर दी गई है। इसको लेकर आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, क्या ये सरचार्ज वैध है? क्या हर उपभोक्ता पर इसे लागू करना न्यायसंगत है?
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चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, अप्रैल महीने से ही उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर 1.24% का ईंधन और ऊर्जा खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) थोप दिया गया। यानी अगर बिल 1000 रुपये है, तो अब आपको 12.40 रुपये जबरन और देने होंगे।
अप्रैल महीने से ही उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर 1.24% का ईंधन और ऊर्जा खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) थोप दिया गया। यानी अगर बिल 1000 रुपये है, तो अब आपको 12.40 रुपये जबरन और देने होंगे।
*हमारे सवाल है मुख्यमंत्री* @myogiadityanath *जी से* कि जब बिजली कंपनियों के पास…
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) April 22, 2025
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उन्होंने आगे कहा कि, हमारे सवाल है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से कि जब बिजली कंपनियों के पास सरप्लस पैसा पहले से मौजूद है, तो ये नया सरचार्ज क्यों? क्या जनता को लूटने का ये नया तरीका नहीं है? बिजली कंपनियों पर प्रदेश की सम्मानित जनता के 33122 करोड़ रुपये बकाया हैं, फिर भी आम लोगों की जेब काटी जा रही है।
क्या ये सरचार्ज वैध है? क्या हर उपभोक्ता पर इसे लागू करना न्यायसंगत है? क्या गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर यह बोझ डालना संविधान सम्मत है? जनता को लूटने वाली हर नीति का विरोध होगा। बिजली ज़रूरत है, कोई लक्ज़री नहीं! हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे।