Ram Mandir Donation Scam Probe : अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार को एसआईटी की टीम ने मंदिर परिसर के भीतर ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की। इस दौरान उनकी भूमिका, चढ़ावे की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, दान राशि जमा करने की प्रक्रिया और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल पूछे गए। वहीं, इस मामले में बुलडोजर की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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पुलिस ने न्यायालय से आरोपित अविनाश शुक्ला की कस्टडी रिमांड ले ली है, शुक्रवार को उससे गहन पूछताछ होगी। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में आठ कर्मियों व एक अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, पुलिस ने रिकवरी मेमो में सर्वाधिक 20 लाख रुपये की नकदी व 1121 यूएस डालर की बरामदगी अविनाश शुक्ला के पास से दिखाई है और उसकी ही सबसे बड़ी भूमिका नजर आ रही है। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि सर्वाधिक नकदी अविनाश ही चुराता रहा। कौशलपुरी में धनराशि के बंटवारे का आरोप लगता रहा है, वहां अविनाश भी अपने भाई अभिषेक के साथ रहता था। ऐसे में अविनाश को पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी बना सकती है।
लवकुश मिश्र के घर पर चलेगा बुलडोजर
चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्र और अनुकल्प मिश्र के घर पर बुलडोजर चल सकता है। बताया जा रहा है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण ने जयपुरिया स्कूल के पीछे बन रहे लवकुश के आलीशान मकान का मानचित्र स्वीकृत न होने को लेकर गुरुवार को उसकी पत्नी व अनुकल्प मिश्र की बहन सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा है। मानचित्र स्वीकृत न होने की स्थिति में ध्वस्तीकरण भी होगा। यानी बुलडोजर चल सकता है।