नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने MGNREGA की मजदूरी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, हाल ही में संयुक्त संसदीय समिति ने मनरेगा श्रमिकों की रोज़ाना मजदूरी को ₹400 करने की सिफारिश की थी। पर ग़रीब विरोधी मोदी सरकार, एक के बाद एक मनरेगा मज़दूरों पर जुल्म ढाने पर उतारू है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, ऐसा लगता है कि जनविरोधी मोदी सरकार ने MGNREGA की मजदूरी बढ़ाने से इंकार कर दिया है। ये मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों पर कुल्हाड़ी चलाना है। हाल ही में संयुक्त संसदीय समिति ने मनरेगा श्रमिकों की रोज़ाना मजदूरी को ₹400 करने की सिफारिश की थी। 2023 में बनी अमरजीत सिन्हा की High Level Committee ने भी मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा का बजट बढ़ाने का सुझाव दिया था। पर ग़रीब विरोधी मोदी सरकार, एक के बाद एक मनरेगा मज़दूरों पर जुल्म ढाने पर उतारू है।
ऐसा लगता है कि जनविरोधी मोदी सरकार ने MGNREGA की मजदूरी बढ़ाने से इंकार कर दिया है।
ये मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों पर कुल्हाड़ी चलाना है।
हाल ही में संयुक्त संसदीय समिति ने मनरेगा श्रमिकों की रोज़ाना मजदूरी को ₹400 करने की सिफारिश की थी।
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2023 में बनी अमरजीत सिन्हा की High… pic.twitter.com/88u9YYJuLd
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 17, 2025
उन्होंने आगे लिखा कि, क़रीब 7 करोड़ पंजीकृत वर्करों को मनरेगा से AADHAAR Based Payment की शर्त लगा बाहर करना हो, या फिर 10 सालों में मनरेगा बजट का पूरे बजट के हिस्से में सब से कम आवंटन करना हो-मोदी सरकार ने मनरेगा पर लगातार चोट मारने का काम किया है। मनरेगा-हमारे देश के सबसे ग़रीब परिवारों के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा लाया रोज़गार की गारंटी का अधिकार है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, हम अपनी दो माँगों पर अडिग हैं-मनरेगा श्रमिकों के लिए रोज़ाना ₹400 की न्यूनतम मजदूरी तय की जाए। साल में कम से कम 150 दिन का काम मिले।