नई दिल्ली। विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद (Foreign Minister Jaishankar Prasad) ने एक न्यूज एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात बेवाकी से रखी। उन्होंने कहा भारत (India) और कनाडा (Canada) के मौजूदा राजनयिक संबंधों पर भी अपनी बात रखी। विदेश मंत्री ने कहा कि, कनाडा की राजनीति ने खालिस्तानी ताकतों को पनाह दी हुई है और वो सीधे तौर पर वहां की राजनीति में शामिल हैं। ऐसी स्थिति में मुझे लगता है कि, इसके कारण दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंच रहा है। यह स्थिति भारत और कनाडा दोनों के लिए खतरा हैं। मेरा मानना है कि जितना यह भारत के लिए खतरा है, उतना ही इससे कनाडा को भी नुकसान होगा।
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इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि, पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार से आतंकियों का इस्तेमाल कर रहा है। वो बातचीत के लिए आतंकवाद का सहारा ले रहा है। अब हमने उनकी नीति को ही अप्रासंगिक कर दिया है। हम जानते हैं कि अंत में एक पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता हैं। लेकिन हम उन शर्तों के आधार पर बातचीत नहीं करेंगे, जो उनके द्वारा निर्धारित की गई हो।
इस दौरान उन्होंने ‘हम (भारत) ‘विश्वामित्र’ बन गए हैं या हम दुनिया पर अपने विचार थोप रहे हैं’ सवाल के जवाब में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, मुझे नहीं लगता की हम अपने विचार किसी पर थोप रहे हैं। हमें अधिक प्रासंगिकता से देखा जाता है। हमें कई परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता के रूप में देखा जाता है। बहुत से नेता भारत आना चाहते हैं। एक विदेश मंत्री के रूप में मेरी बड़ी चुनौतियों में से एक यह समझाना है कि प्रधानमंत्री हर साल दुनिया के हर देश का दौरा क्यों नहीं कर सकते। हर कोई चाहता है कि वे उनके देश का दौरा करें।