Kamika Ekadashi 2026 : सावन मास में आने वाली कामिका एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजा करने से बड़े से बड़े पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है। साथ ही, सावन मास होने के कारण भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की भी असीम कृपा प्राप्त होती है।
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कल्याणकर्ता शिव
सनातन धर्म में ‘हरि’ (भगवान विष्णु) और ‘हर’ (भगवान शिव) को एक ही परम सत्य का दो रूप माना गया है। सनातन के सिद्ध संतों ने इन दोनों के संयुक्त स्वरूप को ‘हरिहर’ कह कर इनकी पूजा अर्चना की। कल्याणकर्ता शिव वस्तुतः एक ही परम ब्रह्म के दो भिन्न आयाम हैं और शैव तथा वैष्णव मतों में कोई भेद नहीं है।
ग्रंथों में इस एकत्व का वर्णन
शैव और वैष्णव परंपराओं में भी अनेक ग्रंथों में इस एकत्व का वर्णन मिलता है।
एक प्रसिद्ध भाव
“शिवाय विष्णुरूपाय, विष्णवे शिवरूपिणे।
शिवस्य हृदयं विष्णुः, विष्णोश्च हृदयं शिवः॥”
विष्णु जी योगनिद्रा
सावन मास चातुर्मास के अंतर्गत आता है जब विष्णु जी योगनिद्रा में होते हैं और सृष्टि का संचालन शिव जी के हाथ में होता है।