नई दिल्ली। भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) व योग गुरु स्वामी रामदेव (Yoga Guru Swami Ramdev) के बीच जारी जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना ने एक बार फिर रामदेव के तरफ से उनकी जवानी और अतीत पर उठाए गए सवालों का बेहद आक्रामक अंदाज में जवाब दिया है। कंगना ने रामदेव के योग और आयुर्वेद से व्यावसायिक साम्राज्य (बिज़नेस) की ओर रुख करने पर भी निशाना साधा है।
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पत्रकार सुधीर चौधरी (Journalist Sudhir Chaudhary) के साथ बातचीत के दौरान बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की टिप्पणियों पर सवाल किया गया, तो कंगना ने तीखे लहजे में कहा कि उन्होंने मेरी जवानी में क्या देखा? उन्होंने कहा कि क्या बाबा रामदेव (Baba Ramdev) मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके हुए थे? क्या उन्होंने मुझे मेरी जवानी में देखा? उन्होंने आखिर क्या देखा? उन्हें सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि उन्होंने क्या देखा?
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हाल ही में एक इंटरव्यू में कंगना ने रामदेव के योग और आयुर्वेद से बिज़नेस की ओर बढ़ने पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें उनके “चरित्र पर उपदेश” नहीं देने चाहिए। पत्रकार सुधीर चौधरी से बात करते हुए कंगना से पूछा गया कि रामदेव, जो खुद को सनातन विचारधारा से जुड़ा मानते हैं, उनके विरोधी कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके बिज़नेस के हितों ने उन्हें सनातन दर्शन के सिद्धांतों से दूर कर दिया है।
कंगना ने कहा कि जब उनका स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था, तो सरकार ने भी उन्हें बहुत बढ़ावा दिया था। लेकिन मुझे लगता है कि वह पूंजीवाद में बहुत आगे निकल गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सनातन विचारधारा और पूंजीवाद के बीच इस बात को लेकर टकराव हो सकता है कि कोई लोगों से कितना फ़ायदा उठाता है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित बिंदु पर सनातन विचारधारा का पूंजीवाद से टकराव होने लगता है।
‘स्वामी रामदेव बिज़नेसमैन बन गए हैं’
कंगना ने आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और योग से आगे अपना बिज़नेस साम्राज्य बढ़ाने के लिए भी रामदेव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और योग के लिए मिले प्रोत्साहन के बाद, अब वह बनियान और अंडरवियर बेचने वाले बिज़नेस में आ गए हैं। रामदेव को “पूरी तरह से बिज़नेसमैन” बताते हुए कंगना ने कहा कि बिज़नेसमैन बनने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसा दिखावा न करें जो आप नहीं हैं। उनकी यह टिप्पणी दोनों के बीच चल रहे सार्वजनिक विवाद के बीच आई है, जो रामदेव द्वारा ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) के बारे में कंगना की विवादित टिप्पणियों की आलोचना करने के बाद शुरू हुआ था।
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कंगना का बाबा रामदेव पर पलटवार
इंटरव्यू के दौरान कंगना से रामदेव की उनके अतीत पर की गई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। रामदेव ने युवा प्रदर्शनकारियों के बारे में कंगना की “जेनरेशन गटर” (Generation Gutter) वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए उनके बचपन, जवानी और अतीत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा,कि “उनकी क्वालिफ़िकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।”
उन्होंने उनकी टिप्पणियों को “खराब सोच” की निशानी बताया और कहा कि उनकी राजनीतिक पार्टी को इस पर ध्यान देना चाहिए। टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कंगना ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके हुए थे? क्या उन्होंने मुझे जवानी में देखा? उन्होंने क्या देखा? उन्होंने आगे कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने असल में क्या देखा? उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने क्या देखा।
कंगना ने पहले भी इंस्टाग्राम पर ऐसी ही बात कही थी, जिसमें उन्होंने रामदेव से कहा था कि वे उनकी जवानी या बेडरूम के बारे में “दिन में सपने न देखें” और उन पर आरोप लगाया था कि वे उनकी निजी ज़िंदगी के बारे में बात करते समय अफ़वाहों और गपशप पर भरोसा करते हैं। उन्होंने गुमराह करने वाले विज्ञापनों को लेकर रामदेव और पतंजलि के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भी ज़िक्र किया।
कंगना और रामदेव के बीच झगड़ा कैसे शुरू हुआ?
यह ताज़ा विवाद ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) के बारे में कंगना की विवादित टिप्पणियों से जुड़ा है। एक्टर-पॉलिटिशियन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी थी और कुछ युवा प्रदर्शनकारियों को “जेनरेशन गटर” (Generation Gutter) कहा था।
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कंगना ने विरोध प्रदर्शनों के वीडियो में देखी गई भाषा और व्यवहार की आलोचना की और कुछ युवाओं पर अपनी आज़ादी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनकी टिप्पणियों की आलोचना हुई और कई लोगों ने “जेनरेशन गटर” शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
बाद में उन्होंने साफ़ किया कि वह सभी युवाओं या विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों के बारे में कोई सामान्य बात नहीं कह रही थीं। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि वह खास तौर पर कुछ लोगों और महिलाओं के बारे में बात कर रही थीं।
इसके बाद रामदेव ने इस विवाद पर टिप्पणी की और युवा पीढ़ी के बारे में कंगना की बात पर आपत्ति जताते हुए उनके अपने बैकग्राउंड पर सवाल उठाए। उनकी टिप्पणियों के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, जिससे उनका सार्वजनिक झगड़ा और बढ़ गया।
कंगना ने सुप्रीम कोर्ट का ज़िक्र क्यों किया?
कंगना का सुप्रीम कोर्ट का ज़िक्र गुमराह करने वाले विज्ञापनों को लेकर रामदेव और पतंजलि से जुड़ी कार्यवाही से जुड़ा था। 2024 में, सुप्रीम कोर्ट ने उन आरोपों पर सुनवाई की जिनमें कहा गया था कि पतंजलि और उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने उत्पादों के औषधीय गुणों के बारे में गुमराह करने वाले दावे किए थे और आधुनिक चिकित्सा पद्धति की आलोचना करते हुए बयान भी दिए थे। कोर्ट ने यह भरोसा दर्ज किया कि भविष्य में पतंजलि उत्पादों के विज्ञापन और ब्रांडिंग से जुड़े नियमों का कोई उल्लंघन नहीं होगा।
कंगना ने रामदेव को दिए अपने इंस्टाग्राम जवाब में इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा था कि उन्हें उनके अतीत के बारे में लगाई जा रही अटकलों के आधार पर उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। उनके हालिया बयानों से पता चलता है कि यह विवाद अब ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) से जुड़े मूल विवाद से आगे बढ़ चुका है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।