नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार के सहकारिता मंत्री एन राजन्ना ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि, सहकारिता मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक की थी, जिसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। दरअसल, एन राजन्ना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेहद ही करीबी माने जाते हैं और वो पिछले दो महीनों से चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि, ‘अगस्त क्रांति’ होगी, जिससे सरकार में बड़े उलटफेर का संकेत मिलता है।
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वहीं, राजन्ना ने कथित मतदाता सूची में हेराफेरी पर पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। राजन्ना ने कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं पर सवाल करते हुए है कि, जब सूची तैयार की गई थी और उसमें अनियमितताएं थीं, तो इसकी शिकायत क्यों नहीं की गई?
राहुल गांधी से रखते थे अलग राय
बताया जा रहा है कि, एन राजन्ना वोटर लिस्ट मामले में राहुल गांधी से अलग राय रखते थे। कहा जा रहा है कि, इसकी ही कीमत उन्हें चुकानी पड़ी है। राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह कर्नाटक का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया था कि एक लाख वोटों की चोरी हुई है। इस पर सवाल उठाते हुए के. राजन्ना ने कहा था कि यदि कर्नाटक में ऐसा हुआ है तो फिर सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में वोटर लिस्ट रिवीजन तो कांग्रेस की सरकार के दौर में हुआ था। ऐसे में यह कांग्रेस सरकार की भी जिम्मेदारी थी कि वह वोटर लिस्ट को तैयार करने की प्रक्रिया पर नजर रखती। यदि तभी सवाल उठाए जाते तो यह समस्या ही नहीं होती।