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Kartik maas : कार्तिक मास में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना , दीपदान, तुलसी पूजन का विशेष महात्म्य है 

By अनूप कुमार 
Updated Date

Kartik maas : कार्तिक मास को बहुत पुनीत माना जाता है। इस मास में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और मां तुलसी की पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यता है कि इस मास में सात्विक आहार का सेवन करके श्री हरि की पूजा करने से मनवांक्षित फल प्राप्त होता है। इस महीने में दीपदान, तुलसी पूजन, भगवान विष्णु की आराधना और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व क्यों बताया गया है। आइए जानते हैं, पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कार्तिक मास का अद्भुत महात्म्य!

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सनातन धर्म की परंपरा में कार्तिक मास को भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस महीने को दामोदर मास भी कहा जाता है।

पद्म पुराण के उत्तरखंड में कार्तिक मास के महात्म्य का विस्तार से वर्णन मिलता है। इसमें कार्तिक व्रत, भगवान विष्णु की पूजा, दीपदान और तुलसी की महिमा का उल्लेख किया गया है।

धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा मनुष्य को सद्कर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।

कार्तिक मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व है।
तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। इसी कारण इस महीने में तुलसी के सामने दीपक जलाना, उनकी पूजा करना और भगवान विष्णु का स्मरण करना भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

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यह परंपरा हमें सिखाती है कि जीवन में श्रद्धा के साथ प्रकृति के प्रति सम्मान और सेवा का भाव भी बनाए रखना चाहिए।

दीपदान
कार्तिक मास में मंदिरों, घरों और पवित्र नदियों के किनारे दीप जलाने की परंपरा प्रचलित है। दीपक केवल अंधकार को दूर करने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर ज्ञान, आशा और सकारात्मकता के प्रकाश का भी संदेश देता है।

कार्तिक पूर्णिमा
इसी महीने में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन अनेक स्थानों पर स्नान, दान, दीपदान और भगवान की पूजा की जाती है।

सात्त्विक जीवन
कार्तिक मास में प्रातःकाल स्नान, जप, ध्यान, दान और सात्त्विक जीवन का पालन करने की परंपरा भी प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलती है।
सत्य का पालन
यह महीना हमें याद दिलाता है कि सच्ची पूजा केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं है। दूसरों के प्रति दया, जरूरतमंदों की सहायता, सत्य का पालन और मन की पवित्रता भी धर्म के महत्वपूर्ण अंग हैं।

तो कार्तिक मास का वास्तविक संदेश क्या है?

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यह महीना हमें सिखाता है कि अपने जीवन से अज्ञान का अंधकार मिटाकर ज्ञान का दीप जलाएं, अहंकार का त्याग करें और अपने आचरण को पवित्र बनाएं।

भगवान विष्णु की भक्ति, तुलसी पूजन, दीपदान और सत्कर्मों के माध्यम से इस पावन महीने को आध्यात्मिक साधना का अवसर बनाएं।

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