लखनऊ। मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इस घटना को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज करने और हिरासत में मारपीट से माहौल और गरमा गया। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और न्याय की इस लड़ाई में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, जब वो ख़ुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है…तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है! ‘मेरठ की बेटी’ के साथ हुए महा-अत्याचार व हत्या के बाद जिस तरह नामज़द आरोपियों पर कमज़ोर धाराओं में मुक़दमा दर्ज़ किया गया है और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुक़दमा लगाया गया है, वो नाइंसाफ़ी की पराकाष्ठा है।
इससे भी अधिक गंभीर बात ये है कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही उच्चाधिकारी अन्याय और अपने अहंकार के अनवरत झापड़ आम जनता के गाल पर मार रहे हैं, पूरी दुनिया में फैल चुका जिसका वीडियो उत्तर प्रदेश की पुलिस की छवि को खंडित कर रहा है। इससे वो पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हैं जो अपनी कर्तव्यपरायणता और आम जनता के प्रति संवेदनशील हैं और सदैव मानवीय दृष्टिकोण से अपना काम करते हैं। पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।
उन्होंने आगे लिखा, सच तो ये है कि जिस राज्य का मुख्य ही महिलाओं के साथ, विशेष रूप से एक युवा मृतक की शोक-संतप्त मां से सरेआम अभद्रता का वाचन करे, उसकी पुलिस से कोई भी उम्मीद करना बेमानी है। मस्तिष्क का आदेश ही, उंगलियां मानती हैं।
अब जनता भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं है।