लखनऊ के पारा इलाके में नगर निगम की कैटल कैचर टीम पर हमले के बाद मंगलवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। निगम की टीम के साथ पारा, दुबग्गा और काकोरी थाने की पुलिस के अलावा एक कंपनी पीएसी भी तैनात रही। सुरक्षा में लगे जवान हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने चार मोहल्लों में अभियान चलाकर करीब 200 भैंसें पकड़ीं।
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कार्रवाई के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। मेयर ने कहा कि पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में अवैध डेयरियां चल रही हैं, वहां अभियान जारी रहेगा और पूरे क्षेत्र को साफ कराया जाएगा।
तीन थानों की फोर्स के साथ शुरू हुआ अभियान
सबसे पहले तिकोनिया, गायत्री विहार और ज्ञानेंद्र विहार में कार्रवाई की गई। करीब 10 घरों और डेयरियों से भैंसें बाहर निकाली गईं। इसके बाद टीम हैदर कैनाल के पास कुल्हरकट्टा रोड होते हुए डिप्टी खेड़ा पहुंची। यहां भी घरों और डेयरियों से पशुओं को बाहर निकालकर कैटल कैचर में लादा गया।
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कुछ जगह महिलाओं ने टीम के कर्मचारियों से बहस और गाली-गलौज की, लेकिन बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के चलते मामला आगे नहीं बढ़ा। कई डेयरी संचालकों ने भैंसों को घरों के अंदर बांध रखा था। निगम की टीम ने घरों में जाकर पशुओं को खोला और उन्हें बाहर निकाला।
रविवार को टीम पर हुआ था हमला
यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई है जब रविवार को नगर निगम की टीम पुलिस के साथ इलाके में पहुंची थी। अवैध डेयरी संचालकों ने टीम का विरोध करते हुए पुलिस और निगम कर्मचारियों पर हमला कर दिया था। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे दरोगा के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि उनका गला दबाया गया और सिर पर लोहे की चैन से वार किया गया।
पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने अबरार, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आशिफ, वारिश, नसीम, रानू, जीशान और नाफिश समेत कई नामजद और 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया है। सोमवार को दो महिलाओं खुशबून (24) और आफरीन (26) को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
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पुलिस ने कहा- सरकारी काम में बाधा डालने पर होगी सख्ती
डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने बताया कि 16 तारीख को नगर निगम की टीम पर हमला किया गया था। उनके मुताबिक टीम के साथ मौजूद दरोगा पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई थी। इसी को देखते हुए मंगलवार के अभियान में तीन थानों की पुलिस के साथ पीएसी भी लगाई गई।
उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान एसीपी काकोरी शकील अहमद समेत कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
भैंस पालन पर निगम का क्या नियम है?
नगर निगम के मुताबिक शहरी सीमा में भैंस पालन प्रतिबंधित है। नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत भैंस को अपदूषक पशु की श्रेणी में रखा गया है। निगम का कहना है कि आवासीय इलाकों में अवैध डेयरियों के कारण गंदगी और सीवर जाम जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। नियमों के तहत लाइसेंस लेकर अधिकतम दो गाय पालने की अनुमति है। इसी आधार पर निगम ने पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों और वहां बंधे पशुओं के खिलाफ अभियान शुरू किया है। मंगलवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई में बड़ी संख्या में भैंसें पकड़ी गईं।
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Lucknow – A sub-inspector was allegedly assaulted and nearly strangled when a joint team of the Lucknow Municipal Corporation and police came under attack while removing encroachment and illegal cattle dairies in the Para area. The incident occurred around 5:10 pm in the… pic.twitter.com/hXdRPJ3bmd
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 18, 2026