Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Mahakumbh 2025 Shahi Snaan Dates : महाकुंभ में शाही स्नान की ये है तिथियां , धार्मिक यात्रा में यहां करें दर्शन

Mahakumbh 2025 Shahi Snaan Dates : महाकुंभ में शाही स्नान की ये है तिथियां , धार्मिक यात्रा में यहां करें दर्शन

By अनूप कुमार 
Updated Date

Mahakumbh 2025 Shahi Snaan Dates : यूपी के प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 आयोजित किया गया है। 13 जनवरी से विशेष धार्मिक उत्सव महाकुंभ की शुरुआत हो जाएगी। धर्म शास्त्रों के अनुसार प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में शाही स्नान का विशेष महत्व है। इस मेले में दुनिया भर से श्रद्धालु शाही स्नान के लिए पहुंचते है। प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व हैं।  महाकुंभ का पहला शाही स्नान पौष पूर्णिमा तिथि को होगा वहीं महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 के दिन आखिरी शाही स्नान होगा।

पढ़ें :- Amravati's Unique Chocolate Ganesha : चॉकलेट से बने अनोखे गणपति देखने उमड़ रही भीड़,विसर्जन में पर्यावरण-अनुकूल

प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का संगम होता है, जिसे ‘त्रिवेणी संगम’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ में त्रिवेणी घाट पर स्नान करने से व्यक्ति को जीवन के समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है, जिससे आत्मा और शरीर दोनों ही शुद्ध हो जाता है।

 

महाकुंभ 2025 शाही स्नान की तिथियां
पहला शाही स्नान- 14 जनवरी 2025, मकर संक्रांति
दूसरा शाही स्नान- 29 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या
तीसरा शाही स्नान- 3 फरवरी 2025, सरस्वती पूजा, बसंत पंचमी

पढ़ें :- Chausath Yogini Temple Morena : मितावली के चौसठ योगिनी का रहस्यमयी मंदिर , छिपे हैं कई चमत्कारिक राज

माघ पूर्णिमा 12 फरवरी 2025 के दिन स्नान होगा
महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 के दिन स्नान होगा

सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं
महाकुंभ में शाही स्नान के कुछ खास नियमों का पालन किया जाता है। महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं। गृहस्थ लोगों नागा साधुओं बाद ही संगम में स्नान करना चाहिए।  स्नान के समय साबुन या शैंपू का इस्तेमाल न करें।

नागवासुकि का दर्शन
महाकुंभ में शाही स्नान-दान के बाद बड़े हनुमान और नागवासुकि का दर्शन जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि शाही स्नान के बाद इन दोनों में से किसी एक मंदिर के दर्शन करने से महाकुंभ की धार्मिक यात्रा अधूरी मानी जाती है।

Advertisement