नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने 8 अप्रैल 2026 की रात एक अहम निर्देश पेश किया, जिसके तहत दिल्ली प्रशासन में कार्य कर रहे 20 से अधिक वरिष्ठ IAS और DANICS अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
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प्रशासनिक बदलाव की मुख्य विशेषताएं
इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विस में सुधार लाना है। तबादलों की इस लिस्ट में बहुत से महत्वपूर्ण विभागों के सचिवों और जिलाधिकारियों के नाम शामिल हैं। IAS नरेंद्र कुमार और प्रशांत गोयल को शासन के सबसे संवेदनशील और अहम पदों पर नियुक्त किया गया है। उन्हें रणनीतिक विभागों की जिम्मेदारी प्रदान की गई है ताकि सभी सरकारी नीतियों का कार्यान्वयन शीघ्रता से हो सके। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कदम दिल्ली के अगले बजट और मुख्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए उठाया गया है।
जिला स्तर पर बदलाव
दिल्ली के बहुत से जिलों में नए जिलाधिकारियों (DM) की नियुक्ति की गई है। इस बदलाव में युवा और अनुभवी अधिकारियों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है ताकि कानून-व्यवस्था और राजस्व प्रशासन को और मजबूती प्रदान किया जा सके।
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AGMUT कैडर का तालमेल
पिछले कुछ महीनों में AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) के बहुत से अधिकारियों की दिल्ली में वापसी हुई है। ताजा निर्देशों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेशों से लौटे अधिकारियों को उनकी विशेषज्ञता के आधार पर दिल्ली के विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य
इन दोनों मुख्य विभागों में उत्तरदायित्व का पुनर्वितरण किया गया है ताकि स्कूलों और अस्पतालों के अनुरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं में अफसरशाही के स्तर पर होने वाली देरी को कम किया जा सके।
नगर निकाय (MCD)
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नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में भी कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार दिए गए हैं ताकि शहर की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर अच्छी तरह से ध्यान केंद्रित हो सके।
यह बदलाव दिल्ली के उपराज्यपाल (Lieutenant Governer) द्वारा प्रशासनिक कार्यक्षमता की समीक्षा के बाद किया गया है। जानकारों के मुताबिक इस बदलाव से दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के कार्यालय के बीच प्रशासनिक सामंजस्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह