Makar Sankranti 2025 : मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2025 के त्योहार का सूर्य देव से गहरा संबंध है। मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश भर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व मंगलवार, 14 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होते हैं। पौराणिक मान्यता है कि, शुभ संयोग में मकर संक्रांति पर स्नान, दान और सूर्य उपासना से जन्मों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस विशेष अवसर पर यदि आप कुछ उपाय करते हैं, तो इससे आपको जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है।
पढ़ें :- Amarnath Yatra 2026 Registration : अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण इस डेट से शुरू ? जानें यात्रा के प्रमुख रूट
सूर्य को अर्घ्य
मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, तिल और गुड़ डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सूर्य से संबंधित समस्त दोषों का निवारण होता है।
पवित्र स्नान का महत्व
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना अत्यन्त पुण्यदायी होता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसा करने से सभी प्रकार के पाप और दोषों से मुक्ति मिलती है।
खिचड़ी में घी
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिये सूर्य से संबंधित उपाय किए जाते है। खिचड़ी में घी का संबंध सूर्य देव से होता है। इसलिए मकर संक्रांति की खिचड़ी को बेहद खास माना जाता है।
रोटी में गुड़ मिलाकर गाय को खिलाएं
इस दिन गुड़, तिल और खिचड़ी का सेवन भी जरूर करें। ऐसी मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हो तो उसकी नौकरी, पिता से संबंध, स्वास्थ्य और उसकी प्रतिष्ठा पर नकारात्मक असर पड़ता है। सूर्य ग्रह प्रबल करने बनाने के लिए रोटी में गुड़ मिलाकर गाय को खिलाना चमत्कारी होता है।