महराजगंज। यूपी के महराजगंज जिले (Maharajganj) में सावन का मेला लगा है। इस मेले में लोगों की भीड़ और बीच में ‘मौत का कुआं’ (Maut Ka Kuan) में स्टंट मैन के गिरने से मंगलवार को यह रोमांचक नजारा अचानक डर और दहशत में बदल गया। बता दें कि स्टंटमैन करतब दिखाते हुए बाइक से गिर गया, लेकिन हैरानी तब हुई जब उसके गिरने के बाद भी बाइक दीवारों पर दौड़ती रही।
पढ़ें :- सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी बॉलीवुड की दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा, बोलीं-मैं कोई एंटी नेशनल नहीं, जो होना है होगा...
क्या है पूरा मामला?
महराजगंज के ठूठीबारी इलाके में पंचमुखी शिव मंदिर के पास सावन का मेला लगा हुआ था। मेले का मुख्य आकर्षण ‘मौत का कुआं’ था, जहां स्टंटमैन अपनी जान पर खेलकर लोगों का मनोरंजन करते हैं। मंगलवार को भी शो चल रहा था। एक बाइक स्टंटमैन तेज रफ्तार में कुएं की खड़ी दीवारों पर बाइक घुमा रहा था। सैकड़ों लोग सांस रोककर यह खतरनाक करतब देख रहे थे।
महराजगंज में मौत के कुएं से बाइक से स्टंट करते युवक गिरा नीचे
बाइक ऐसे ही दौड़ती रही pic.twitter.com/5KBwZihjOZ
पढ़ें :- डॉक्टर पति की हत्या कर, शव के पास.. बेड पर लेटी रील्स देखती रही पत्नी, कर्नाटक हत्याकांड का VIDEO आया सामने
— Priya singh (@priyarajputlive) July 30, 2025
तभी अचानक, स्टंटमैन का संतुलन बिगड़ा और वह बाइक से नीचे कुएं में जा गिरा। यह देखते ही वहां मौजूद लोगों की चीख निकल गई। लेकिन सबसे अजीब और डरावना मंजर तो इसके बाद देखने को मिला। स्टंटमैन के गिरने के बाद भी उसकी बाइक बंद नहीं हुई। वह बिना ड्राइवर के ही गोल-गोल दीवारों पर घूमती रही। यह देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस अफरातफरी के बीच, मेले के आयोजकों और कुछ हिम्मत वाले नौजवानों ने मिलकर किसी तरह उस चलती हुई बाइक को काबू में किया और उसे रोका। गनीमत यह रही कि स्टंट दिखाने वाला युवक गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गया।
सुरक्षा पर गंभीर सवाल
पढ़ें :- जंतर-मंतर पहुंचीं सपा सांसद डिंपल यादव का बड़ा बयान, बोलीं-20 जुलाई को सोनम वांगचुक खत्म करेंगे भूख हड़ताल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ‘मौत के कुएं’ में स्टंट करने वाले ज्यादातर युवक नशे में होते हैं। नशे में ऐसा खतरनाक खेल दिखाना मौत को सीधा-सीधा बुलावा देना है। मौके पर मौजूद दर्शक भी बहुत गुस्से में थे। उनका कहना था कि ऐसे जानलेवा खेल के लिए न तो कोई मेडिकल टीम मौजूद थी और न ही सुरक्षा का कोई और इंतजाम था। आखिर प्रशासन ऐसी लापरवाही की इजाजत कैसे दे सकता है?
यह हादसा मेला आयोजकों और ‘मौत के कुएं’ के संचालकों की बड़ी लापरवाही को दिखाता है। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया जा रहा था। अगर जल्द ही ऐसे खतरनाक खेलों के लिए सख्त नियम नहीं बनाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा और दुखद हादसा हो सकता है।