Mayawati’s statement on Milkipur by-election result: दिल्ली चुनाव नतीजों के साथ-साथ यूपी की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार की भी काफी चर्चा है। इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान ने सपा के अजीत प्रसाद बड़े अंतर से जीत हासिल की है। वहीं, उपचुनाव के नतीजे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
पढ़ें :- UP MLC Election Result : पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी की हार, सपा ने जीती शिक्षक एमएलसी सीट
दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया के जरिये दिल्ली विधानसभा चुनाव और मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने बसपा और अन्य राष्ट्रीय पार्टियों को हुए नुकसान के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजों को लेकर सवाल किया है कि पिछले बार उपचुनाव में हार का ठीकरा बसपा पर फोड़ा था, लेकिन, इस बार बसपा ने उपचुनाव में हिस्सा नहीं लिया तो फिर क्यों सपा हार गयी?
09-02-2025-BSP PRESS NOTE-DELHI POLL RESULT pic.twitter.com/JeRYjfioMA
— Mayawati (@Mayawati) February 9, 2025
पढ़ें :- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप पर पूर्व मिस स्वीट्जरलैंड ने लगाया दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप, बोलीं-‘कपड़े फाड़े, खून बहने लगा’
मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजों पर मायावती का बयान
मायावती के हवाले से जारी बयान में कहा गया, ‘इसके अलावा, यूपी के मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की अपनी सीट पर 61,710 वोटों से करारी हार भी जनता की नजर में इस हकीकत को लेकर है कि बी.एस.पी. द्वारा चुनावी गड़बड़ी सम्बंधी आवश्यक सुधार होने तक देश में कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ने के फैसले के कारण इस सीट पर पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं होने के बावजूद सपा की इतनी शर्मनाक हार कैसे हुई? इस पर सपा के जवाब का लोगों को इंतजार है क्योंकि यूपी में पिछली बार हुए उपचुनाव में सपा ने अपनी पार्टी की हार की ठीकरा बी. एस.पी. के ऊपर टालने का राजनीतिक प्रयास किया था।’
बयान में आगे कहा गया, ‘ऐसे में एक बार फिर सर्वसमाज के लोगों ने भी खासकर यूपी के गरीबों, मजदूरों, दलितों, अन्य पिछड़ों तथा मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों से यही कहना है कि भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि जातिवादी पार्टियां उनकी हितैषी नहीं बल्कि अधिकतर मामलों में शोषक है तथा इन सभी लोगों का हित केवल अम्बेडकरवादी बी. एस.पी. व पार्टी की सरकार में ही निहित व सुरक्षित रह सकता है। यूपी इसकी खास मिसाल है।’