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मायावती बोलीं- वन्दे मातरम् गायन पर बहस के बजाए शिक्षा, बेरोजगारी और बाढ़ जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान दे सत्ता-विपक्ष

By Abhimanyu 
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‘Vande Mataram singing’ controversy : देश में राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम् गायन’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को ऐलान किया कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। वहीं, केंद्रीय अमित शाह ने इस फैसले को देशविरोधी बताया है। इस बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने ‘वंदे मातरम गायन’ पर सियासी बहस के बजाय देश में शिक्षा, बेरोजगारी और बाढ़ जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी है।

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यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘देश में वन्दे मातरम् गायन को पूरा गाना है या शुरू के दो छंद (पैरा) गाना है या नहीं गाना है, इसको लेकर जो इस समय में देश में राजनीति चल रही है, यह ठीक नहीं है और इस मामले में हमारी पार्टी का यही कहना है कि वन्दे मातरम् गायन को लेकर अभी हाल ही में संसद में जो क़ानून पास किया गया है यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘क्योंकि केन्द्र व राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान् सभी पार्टियाँ अपने राजनैतिक स्वार्थ/फ़ायदे के हिसाब से या फिर अपनी कमियों पर से जनता का ध्यान बाँटने के लिए यह सब करती रहती हैं अर्थात् एक-दूसरे के बने क़ानूनों को बदलती रहती हैं।’

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बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा, ‘जबकि इस समय देश व जनहित के मुद्दों पर व ख़ासकर बेरोज़गार युवाओं व छात्र-छात्राओं ’जेन-जी’ व स्कूली बच्चे-बच्चियों की ’जी-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि के अनेकों और भी अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्र व सभी राज्य सरकारों को तथा साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देना चाहिये, यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे ज़रूरी माँग भी है।’

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