मेरठ: मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय अंगदवीर हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस ने अब बच्चे की मां गुरप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस उसके प्रेमी अर्पित शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी थी। शुरुआती जांच में शक सिर्फ अर्पित पर था, लेकिन तकनीकी जांच और मोबाइल से मिले सबूतों ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी। पुलिस का दावा है कि यह हत्या किसी एक व्यक्ति का फैसला नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा थी।
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प्रेम संबंध में बेटा बन रहा था सबसे बड़ी रुकावट
पुलिस जांच के मुताबिक गुरप्रीत और अर्पित एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन गुरप्रीत का अपने पति गुरसेवक से अभी तक तलाक नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, 7 साल का बेटा अंगदवीर भी दोनों के रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रहा था। जांच में सामने आया कि वारदात से दो दिन पहले अंगद ने अपनी मां और अर्पित को एक साथ देख लिया था। इसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
16 जून को अंजाम दी गई पूरी साजिश
पुलिस के अनुसार, 16 जून को गुरप्रीत को पहले से पता था कि अर्पित अंगद को कार में बैठाकर जंगल ले जा रहा है। जांच में सामने आया कि उसी दिन दोनों के बीच लगातार फोन कॉल, वीडियो कॉल और चैट होती रही। आरोप है कि अर्पित ने जंगल में मासूम की हत्या कर दी और इसके बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। पुलिस का कहना है कि गुरप्रीत इस पूरे प्लान से पूरी तरह वाकिफ थी और उसी की सहमति से वारदात को अंजाम दिया गया।
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सबूत मिटाने की कोशिश भी नहीं आई काम
हत्या के बाद गुरप्रीत ने अपने मोबाइल से अर्पित के साथ हुई कॉल डिटेल, चैट और वीडियो कॉल का रिकॉर्ड डिलीट कर दिया, ताकि पुलिस तक कोई सबूत न पहुंच सके। लेकिन पुलिस की तकनीकी टीम ने डिलीट किया गया डेटा रिकवर कर लिया। मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने साफ कर दिया कि वारदात वाले दिन दोनों लगातार संपर्क में थे और पूरी योजना पहले से तय थी।
पुलिस के सामने रोती रही, लेकिन CCTV ने खोल दी सच्चाई
जब 16 जून को अंगद के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली तो गुरप्रीत भी बाकी लोगों की तरह बेटे की तलाश का दिखावा करती रही। वह पड़ोसियों और रिश्तेदारों के सामने रोती-बिलखती रही ताकि किसी को उस पर शक न हो। इसी दौरान किसी ने बताया कि पुलिस को इलाके का CCTV फुटेज मिला है, जिसमें एक वैगनआर कार में अंगद जाता दिखाई दे रहा है। जैसे ही गुरप्रीत को पता चला कि पुलिस कार मालिक तक पहुंच चुकी है, वह घबरा गई और मौके पर ही बेहोश हो गई। यहीं से पुलिस का शक और गहरा हो गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
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अर्पित शर्मा से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गुरप्रीत से भी सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश दोनों ने मिलकर रची थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जिस मां पर अपने बच्चे की सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, उसी पर उसकी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगने से लोग हैरान हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और जल्द ही अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।