Meerut Encounter: यूपी के मेरठ में कुछ दिनों पहले एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी। मरने वालों में पति-पत्नी और उनकी तीन बेटियां शामिल थीं। इन सभी का शव उनके घर में बोरी और गठरी के अंदर बंधा मिला था। वहीं, पांचों हत्याओं के आरोपी नईम बाबा को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। जिस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था।
पढ़ें :- Varanasi: MLC मतगणना के बीच 10 मिनट तक बंद हुआ CCTV, निगरानी व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
दरअसल, मूलरूप से मेरठ के किठौर निवासी 35 वर्षीय राजमिस्त्री मोईन अपनी पत्नी आसमा और 3 बेटियों के साथ सुहेल गार्डन में रहता था। 8 जनवरी की रात मोईन के सौतेले भाई नईम बाबा ने अपने दत्तक पुत्र सलमान के साथ मिलकर मोईन, उसकी पत्नी व तीन बेटियों की हत्या कर दी थी। उसके बाद नईम नासिक भग गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घर के गेट पर ताला लगा दिया था और दो दिन से घर से बाहर आता हुआ नहीं दिखा। जब रिश्तेदारों ने फोन किया तो कोई फोन नहीं उठा रहा था। जिसके बाद रिश्तेदार, आखिरकार घर पहुंचे और दरवाजे पर लगा ताला तोड़ा गया। इसके बाद रिश्तेदार और पड़ोसियों ने जो देखा, उससे पैरों तले जमीन खिसक गयी।
लोगों ने देखा कि घर के अंदर चारों तरफ खून ही खून फैला हुआ है। मोइन और उनकी पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। शवों को बोरों में डालकर बेड में रख दिया गया था। बेड बॉक्स में आसमा की लाश बोरे में रखी थी, हाथ-पैर बंधे थे। बेड के अंदर ही दूसरे बोरे में 2 साल की अदीबा की लाश थी। जबकि, अक्सा और जिया की लाशें, बेड के अंदर पड़ी हुई थीं। बेड के पास चादर की गठरी में मोइन की लाश बंधी हुई थी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी थी।
घटना के बाद पुलिस की पांच टीमें आरोपी नईम बाबा की तलाश में थीं। एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि सुबह नईम बाबा मदीना कालोनी में पहुंचा था। सूचना पर उसकी घेराबंदी की गई तो उसने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में नईम बाबा घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।