नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) ने दशहरा (Dussehra) और दिवाली (Diwali) से पहले कर्मचारियों, किसानों और छात्रों को बड़ा गिफ्ट दिया है। इस बैठक में कुल 1.20 लाख करोड़ रुपये के अहम निर्णय लिए गए। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। यह फैसला 1 जुलाई 2025 से लागू होगा। इससे 49 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
पढ़ें :- Gen-Z Voter : जयराम रमेश बोले- पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने युवाओं को दिया मतदान का अधिकार, जबकि पीएम मोदी जेन जी से ये अधिकार छीनने पर तुले
इन बड़े फैसलों की जानकारी केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Information and Broadcasting Minister Ashwini Vaishnav) ने प्रेस कांफ्रेस कर दी। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी कर किसानों के लिए भी खुशखबरी दी है। दाल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और पूरी वैल्यू चेन पर काम करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला हुआ। देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे। फिलहाल 1288 केंद्रीय विद्यालयों में 14 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। नए स्कूल खुलने से लाखों बच्चों को किफायती और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी। आइए, आपको केंद्रीय कैबिनेट के आज के फैसलों के बारे में विस्तार से बताते हैं।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत, DA और DR में 3 फीसदी की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू होगी और 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो जाएगी। इस फैसले का फायदा 49.19 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.72 लाख पेंशनर्स को होगा। सरकार पर सालाना लगभग 10,083 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
असम में 6,957 करोड़ की लागत से बनेगा 4 लेन हाइवे
पढ़ें :- राहुल गांधी ने CEC तीखा हमला, बोले-'ज्ञानेश कुमार देशद्रोही, मुख्य चुनाव आयुक्त पद से दें इस्तीफा'
कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने असम में कालीबोर-नुमालिगढ़ सेक्शन (NH-715) को 4 लेन करने की मंजूरी दी है। 85.67 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में 34.5 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा, ताकि काजीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीव सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। इसके अलावा 21 किमी बाईपास और 30 किमी रोड अपग्रेडेशन भी होगा। प्रोजेक्ट से पर्यटन, उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और लगभग 35 लाख मानव-दिवस रोजगार पैदा होंगे.
शिक्षा को मजबूती के लिए 57 नए केंद्रीय विद्यालय
देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय (KVs) खोले जाएंगे। इस पर 9 वर्षों में लगभग 5,862 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए KVs में पहली बार बालवाटिकाएं (प्री-प्राइमरी स्टेज) भी शामिल होंगी। इन विद्यालयों से 86,640 छात्रों को सीधा लाभ और 4,617 स्थायी रोजगार अवसर मिलेंगे। फिलहाल देश में 1,288 KVs कार्यरत हैं, जिनमें 13.62 लाख छात्र पढ़ रहे हैं।
किसानों के लिए सौगात – MSP में बढ़ोतरी
सरकार ने 2026-27 विपणन सीजन के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है।
पढ़ें :- राहुल ने चुनाव आयोग से दागा सवाल, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी चुनाव हारीं, फिर भाजपा के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी क्यों नहीं करती काम?
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी – सनफ्लावर में 600 रुपये/क्विंटल
मसूर (लेंटिल) – 300 रुपये/क्विंटल
सरसों/राई – 250 रुपये/क्विंटल
चना – 225 रुपये/क्विंटल
जौ – 170 रुपये/क्विंटल
गेहूं – 160 रुपये/क्विंटल
पढ़ें :- पीएम मोदी ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दी बधाई, कही ये बड़ी बात
दालों में आत्मनिर्भरता मिशन
सरकार ने 11,440 करोड़ रुपये की लागत से ‘Mission for Aatmanirbharta in Pulses’ को मंजूरी दी है। यह मिशन 2025-26 से 2030-31 तक चलेगा और इसका लक्ष्य दालों के आयात पर निर्भरता खत्म करना है। इसके तहत:
126 लाख क्विंटल सर्टिफाइड बीज बांटे जाएंगे।
35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन पर दालों की खेती होगी।
1,000 प्रोसेसिंग यूनिट्स बनाई जाएंगी।
NAFED और NCCF किसानों से 100 फीसदी दाल खरीदेंगे।
लक्ष्य है कि 2030-31 तक दालों का उत्पादन 350 लाख टन तक पहुंचाया जाए।
पढ़ें :- IIT बॉम्बे केस के बाद चर्चा में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला, गौर करिए उनके करियर और उपलब्धियों की लंबी लिस्ट पर
बायोमेडिकल रिसर्च प्रोग्राम के अगले चरण को मंजूरी
कैबिनेट ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) फेज-III को मंजूरी दी है। यह प्रोग्राम 2025-26 से 2030-31 तक चलेगा और उस पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें भारत सरकार (DBT) और ब्रिटेन का वेलकम ट्रस्ट मिलकर काम करेंगे। इसका मकसद है टॉप-टियर वैज्ञानिक प्रतिभा को तैयार करना और बायोमेडिकल रिसर्च में नई खोजों को बढ़ावा देना।