Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Nag Panchami 2025 :  नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से मिलती है सर्पदंश भय से मुक्ति , जानें दर्शन- पूजन और महत्व

Nag Panchami 2025 :  नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से मिलती है सर्पदंश भय से मुक्ति , जानें दर्शन- पूजन और महत्व

By अनूप कुमार 
Updated Date

Nag Panchami 2025 :  नाग पंचमी का त्योहार नागों, या सांपों के प्रति सम्मान और श्रद्धा महत्व व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार हर साल श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जात है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से आपको मुक्ति मिलती है। इस दिन से जुड़ी कई परंपराएं और मान्यताएं हैं, जिनमें से एक है लोहे से बनी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में कालसर्प दोष है तो इसका निदान भी इस दिन पूजा के साथ किए गए कुछ उपायों से किया जा सकता है।

पढ़ें :- shravani parv 2026 : श्रावणी उपाकर्म 'ज्ञान का पर्व', हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है

नाग पंचमी पर सांपों की होती है पूजा
नाग पंचमी की शुभ अवसर पर अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वंतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिङ्गल नाग की पूजा का विधान है। इस विशेष दिन पर नाग को दूध पिलाया जाता है, इसके अलावा नाग देवता को दूध और धान का लावा चढ़ाने का विशेष महत्व है।

इस साल नाग पंचमी 2025 का त्योहार 29 जुलाई मंगलवार को मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 28 जुलाई की रात 11:24 बजे से शुरू होकर 30 जुलाई की रात 12:46 बजे समाप्त होगी।

नाग पंचंमी के पर्व पर सांस्कृतिक आयोजन और कुश्ती, कूड़ी जैसे खेलों  की प्रतिर्स्पाधाएं  होती है। इस दिन कमजोर ओर असहाय लोगों की मदद करने का की भी पंरंपरा है।

नाग देवता मंत्र
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

पढ़ें :- Raksha Bandhan 2026 : ईको-फ्रेंडली राखियों से त्योहार को बनाएं यादगार, बहुत हैं इसके फायदे
Advertisement